केसी वेणुगोपाल के पत्र ने यह साफ कर दिया है कि कॉन्ग्रेस इमरजेंसी के दौर पर खुद तो बात नहीं ही करना चाहती बल्कि बाकी लोगों को भी इस विषय में चुप करना चाहती है।
किसी का घर लूट लिया गया, किसी की दुकान में ताला जड़ दिया गया, तो कहीं भाजपा का दफ्तर ही फूँक दिया गया। पलायन को मजबूर कार्यकर्ता पार्टी के दफ्तरों में बिता रहे रात।