Saturday, July 20, 2024
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झारखंड के जिस गाँव में बकरीद पर गोवंश की हत्या का आरोप, वहाँ पहुँचे भाजपा नेता: कहा- बांग्लादेशियों को बसाने के लिए स्थानीय लोगों पर हो रहे हमले, पीड़ितों का जाना हाल

मुफस्सिल थाना के पुलिस अधिकारी ने ऑपइंडिया को इस विषय में बताया है कि मामला दो गाँवों के बीच लड़ाई का है। एक गाँव झारखंड में जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल में है, इसके बीच में नहर है। उनका कहना था कि दूसरे व्यक्ति की जमीन पर हत्या से पूरा विवाद चालू हुआ। उन्होंने बताया दोनों गाँवों के बीच विवाद की सूचना के 20-25 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुँच गई थी।

झारखंड के पाकुड़ जिले के गोपीनाथपुर गाँव में गोवंश का मांस काटने को लेकर 17 जून 2024 को दो समुदायों में झड़प हो गई थी। झड़प के बाद भाजपा नेताओं ने गाँव का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल सीमा से सटे इलाकों में बांग्लादेशी अवैध आ रहे हैं। इसके कारण इलाके में गौ तस्करी हो रही है और राज्य सरकार मौन है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता अमर बाउरी ने कहा कि गोवंश का कटान झारखंड में प्रतिबंधित है, लेकिन इसकी खरीद बिक्री जारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड के चंपई सोरेन की सरकार को यह बताना चाहिए कि वह इसे प्रतिबंधित मानती है या नहीं। बाउरी ने कहा कि हिंदू समुदाय गाय को माँ मानता है, जबकि उन्हें सड़क के किनारे काटा जा रहा है।

बाउरी ने यह भी कहा खुले में गोवंश की हत्या हिंदू समुदाय के लोगों को ललकारने वाला है और यह तालिबानी मानसिकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि जब इसका स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया जाता है तो बगल की नदी के उस पार रहने वाले मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग हमला कर देते हैं। वे लोगों के घरों को लूटकर जला देते हैं। प्रशासन पर भी हमला करते हैं।

उन्होंने कहा कि लव जिहाद और लैंड जेहाद के तहत डेमोग्राफी चेंज किया जा रहा है। उन्होंने गाँव के लोगों को भरोसा दिया कि जब तक मामला पूरी तरह से शांत नहीं हो जाता, तब तक गाँव में एक अस्थाई थाना का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माहौल को देखते हुए इलाके में केंद्रीय पुलिस बल की भी एक टुकड़ी को तैनात करने की माँग की जाएगी।

वहीं, सारठ विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय के लोग झारखंड में बांग्लादेशियों को बसा रहे हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग गोपीनाथपुर गाँव के लोगों को डरा-धमका कर उनके घरों को छोड़ कर भागने को मजबूर कर रहे हैं, ताकि बांग्लादेशियों को वहाँ बसाया जा सके। इस घटना के बाद से से ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि वह अपने घरों में भी नहीं रह रहे।

बता दें कि 17 जून 2024 को पाकुड़ जिला के गोपीनाथपुर गाँव में गोवंश की हत्या करने को लेकर दो समुदायों में झड़प हो गयी थी। इसके बाद बगल के पश्चिम बंगाल के अंतर्गत आने वाले गाँवों के सैकड़ों मुस्लिमों ने गोपीनाथपुर गाँव पर हमला कर दिया। इस हमले में दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल से पत्थरबाजी हुई।

मुफस्सिल थाना के पुलिस अधिकारी ने ऑपइंडिया को इस विषय में बताया है कि मामला दो गाँवों के बीच लड़ाई का है। एक गाँव झारखंड में जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल में है, इसके बीच में नहर है। उनका कहना था कि दूसरे व्यक्ति की जमीन पर हत्या से पूरा विवाद चालू हुआ। उन्होंने बताया दोनों गाँवों के बीच विवाद की सूचना के 20-25 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुँच गई थी।

उन्होंने बताया कि गाँव वालों ने यहाँ गौवंश काटने का आरोप मुस्लिम व्यक्तियों पर लगाया है, लेकिन पुलिस को मौके पर मांस बरामद नहीं हुआ है। दूसरी तरफ झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की कानून व्यवस्था धराशायी होने की बात कही है। उन्होंने राज्य की झामुमो कॉन्ग्रेस सरकार पर घुसपैठियों पर एक्शन ना लेने का आरोप लगाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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