विहिप ने 5000 ऐसे पुजारियों को प्रशिक्षित कर विभिन्न मंदिरों में नियुक्त किया है, जो एससी-एसटी हैं। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने पैनल में इन पुजारियों को जगह दी है।
पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन समिति को याचिका के जवाब में इस साल 18 सितंबर तक एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। अक्टूबर महीने में मामले की फिर से सुनवाई होगी।
कर्नाटक के पुजारियों का वह वीडियो फिर से वायरल हो रहा है जब उन्होंने मंदिरों से दानपेटी हटा दी थी। ऐसा मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण के विरोध में किया गया था।
केरल हाईकोर्ट ने 2011 में सरकार से मंदिर के प्रबंधन और संपत्तियों को नियंत्रण में लेने को कहा था। इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई और उसने प्रबंधन में राजपरिवार के अधिकार को मान्यता दी है।