सीएम ममता ने दावा किया कि वो अपने राज्य को दूसरी दिल्ली नहीं बनने देंगी। उन्होंने कहा कि जो भी बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आए हैं, उन्हें फिर से नागरिकता हेतु आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, वो आटोमेटिक रूप से भारतीय नागरिक हैं।
तापस पॉल टीएमसी के पूर्व सांसद थे। हृदयगति रुकने की वजह से उनका निधन हो गया था। रोज वैली चिट फंड घोटाले में एक साल से भी अधिक समय तक जेल में रहे पॉल रेप की धमकी देने वाले बयान को लेकर विवादों में भी रहे थे।
मदरसे मजहबी तालीम के केंद्र हैं। अमूमन इसमें मुस्लिम समुदाय के बच्चे ही पढ़ते हैं। लेकिन, बंगाल में हिंदू बच्चों की तादाद भी अच्छी-खासी है और वह साल दर साल आश्चर्यजनक तौर पर बढ़ रही है। आखिर इसकी वजह क्या है?
तृणमूल कॉन्ग्रेस के मुर्शिदाबाद जिले के पदाधिकारी अनारुल हक के 2 बेटों को तब किडनैप करने की कोशिश की गई, जब वे दोनों स्कूल जा रहे थे। शमशेरगंज विधान सभा के तृणमूल विधायक अमीरुल इस्लाम पर आरोप लगाते हुए...
हनुमान चालीसा के वितरण से शहर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, पुस्तक मेले में आने वाले लोग भावनाओं में बह सकते हैं। - ममता सरकार की पुलिस ने हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगाने के पीछे यही तर्क दिया।
कोलकाता में CAA के समर्थन में बीजेपी द्वारा कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय के नेतृत्व में रैली निकाली जा रही थी। लेकिन राज्य की ममता बनर्जी सरकार की पुलिस ने रैली को रुकवाया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित काजी मासूम अख्तर ने कहा कि मुझे अपने जीवन जीने से डर है और बंगाल में मेरी कभी भी हत्या की जा सकती है। उन्होंने सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर कहा कि इससे मुस्लिमों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल अब चौथा राज्य बन गया है, जहाँ CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास हो चुका है। इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्ताव पास किया जा चुका है।
....चोट लगने की वजह दो छात्रों की नाक से ख़ून निकल रहा था और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया। इंग्लिश के एक अध्यापक गणेश सरदार ने आरोप लगाया कि भीड़ उन्हें ढूँढ रही थी, उन्हें टॉयलेट के अंदर छिपा दिया गया था। अगर ज़िला प्रशासन समय पर आकर कार्रवाई न करता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।
"मैं तो इस तस्वीर में उमर अब्दुल्ला को पहचान ही नहीं पा रही हूँ। मुझे काफ़ी दुख महसूस हो रहा है। मैं उदास हूँ। ये काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे लोकतांत्रिक राष्ट्र में ऐसा हो रहा है। ये सब आख़िर कब थमेगा?"