समीकरण कि अगर भाजपा को सत्ता से बाहर रखना ही ध्येय है तो शिव सेना के 56, कॉन्ग्रेस के 44 और एनसीपी के 54 की सरकार आराम से बहुमत के लिए ज़रूरी 145 विधायकों के सामने 154 खड़े कर सकती थी। लेकिन.....
अभी भी भाजपा और शिवसेना का गठबंधन बड़े आराम से बहुमत के लिए ज़रूरी 145 के आँकड़े के पार दिख रहा है, लेकिन शिवसेना ने साफ़ कर दिया है कि वह भाजपा से और दबने वाली नहीं है।
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भी सतारा की एक रैली में शरद पवार ने पार्टी में हुई दलबदल का ज़िक्र किया था। उनके निशाने पर भाजपा में शामिल हो जाने वाले उदयराज भोंसले रहे थे।
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर भाजपा इस समय 192 सीटों से आगे होकर पूरे चुनाव को एकतरफा करती दिखाई दे रही है। इसी तरह हरियाणा की 90 सीटों पर भाजपा 43 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि कॉन्ग्रेस कांटे की टक्कर देते हुए 36 सीटों पर आगे है।
कमलेश की हत्या के बाद हत्यारों ने सूरत में अपने साथियों को फोन कर जानकारी दी। फिर इस खबर से आसिम को अवगत कराया गया। आसिम ने हत्यारों की जमानत कराने का ठेका लिया था।