आदित्य ठाकरे ट्विटर पर लिखा कि मेट्रो के जिस कार्य को गर्व से किया जाना चाहिए था, उसे धूर्तता के साथ रात के अंधेरे में चोर-छिपे किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पेड़ काटने की जगह पीओके में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने की सलाह दी।
मुंबई कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निरुपम टिकट बॅंटवारे के बाद से खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि मुंबई की 3-4 सीटों को छोड़ सभी पर कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी। साथ ही प्रचार से दूर रहने की बात भी दोहराई है।
निरुपम और तंवर दोनों टिकट बॅंटवारे में उपेक्षा से नाराज हैं। तंवर राहुल के काफी करीबी माने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चेतावनियों के बावजूद राहुल ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से नहीं हटाया था। सोनिया के कमान सॅंभालने के बाद तंवर की अनदेखी कर हुड्डा को आगे किया गया।
टिकट बॅंटवारे के बाद हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और मुंबई के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई है। निरुपम ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी है। एक के बाद एक दो ट्वीट कर उन्होंने कहा कि शायद पार्टी को अब उनकी जरूरत नहीं रही।
इससे पहले विवादित बयान देते हुए उन्होंने कहा था, “मुझे यकीन है कि एक दिन मुझे कोई गोली भी मार देगा। मुझे यकीन है कि गोडसे की जो औलाद है वो मुझे ऐसा कर सकते हैं। हमारे मुल्क में अभी भी गोडसे की औलाद हैं।”
शाहरुख़ ने धोखे से शिवसेना नेता नंदवंशी को स्थानीय टिम्बर मार्केट में बुलाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब शिवसेना नेता वहाँ पहुँचे तो मुगलईपुरा निवासी शाहरुख़ और उसके 5 साथियों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनकी मौत हो गई।
योगेश्वर दत्त को बरौदा, संदीप सिंह को पिहुआ और बबीता फोगाट को दादरी से टिकट मिला है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल से चुनाव लड़ेंगे। सोमवार को जिन नामों का ऐलान किया गया उनमें 38 मौजूदा विधायक हैं। 7 मौजूदा विधायकों का नाम सूची में नहीं है।
कभी बाल ठाकरे ने ऐलान किया था वह व्यक्तिगत तौर पर जीवन में कभी भी किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके बेटे उद्धव ठाकरे ने भी जीवन में कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा। लेकिन इस बार यह टूट रहा है, मतलब दिलचस्प होगा यह चुनावी समर!
मंसूर ने ख़ुद को बचाने के लिए अपने मृत भाई की लाश को शौचालय की टंकी में डाल दिया। अमिनूल के लापता होने पर उसके चाचा ने 28 दिसंबर 2016 को वाडा पुलिस स्टेशन में शिक़ायत दर्ज कराई। इस मामले की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस को मंसूर पर शक़ था लेकिन...
ईडी के अनुसार, यह लोन धोखाधड़ी का बहुत बड़ा मामला है। कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। आरोप है कि शुगर फैक्ट्रीज को स्टेट कोऑपरेटिव बैंक द्वारा तय किए गए मूल्य से कम दाम में बेच दिया गया।