Sunday, April 14, 2024
Homeराजनीति'छक्के हैं मोदी के मुस्लिम समर्थक, 40-50 मुस्लिम सांसद होते तो याकूब मेमन को...

‘छक्के हैं मोदी के मुस्लिम समर्थक, 40-50 मुस्लिम सांसद होते तो याकूब मेमन को बचा लेते’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थन करने वाले मुस्लिम ‘छक्का’ होते हैं। ओवैसी ने कहा, "6 का जो नंबर है, क्रिकेट मैच में छक्का बोलते हैं।"

अपने भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की बदजुबानी को अपनी ‘कम ज़हरीली’ भाषा से ढँकने वाले असदुद्दीन ओवैसी कल खुद ही विष-वमन करते नज़र आए। हमेशा हिन्दुओं को, राष्ट्रवादियों को “संविधान में राष्ट्रवाद नहीं लिखा”, “संविधान में हिन्दुओं के लिए फलाना-ढिकाना नहीं है” की दुहाई देने वाले AIMIM प्रमुख ने न केवल समुदाय विशेष से आस्था और मजहब के आधार पर, मुस्लिमों को वोट देने की अपील की, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थन करने वाले मुस्लिमों को ‘छक्का’ (हिजड़ों, उभयलैंगिकों, ट्रांसजेंडरों समेत LGBT समुदाय के लिए प्रयुक्त अपमानजनक शब्द) भी बताया। वे नांदेड़, महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के पहले एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे

6 फीसदी लोग छक्के, क्योंकि मोदी को वोट देते हैं?

कभी राष्ट्रीय स्तर के यूनिवर्सिटी क्रिकेट खिलाड़ी रहे ओवैसी ने अपनी ज़हर की राजनीति में भी क्रिकेट को घसीट लिया। 2014 और 2019 में 6-6% मुस्लिम वोट मोदी के खाते में जाने की बात का ज़िक्र जनसभा में करते हुए उन्होंने कहा, “6 का जो नंबर है, क्रिकेट मैच में छक्का बोलते हैं।” और-तो-और, सुन रही जनता ने इस पर तालियाँ भी बजाईं, समर्थन में हूटिंग भी की।

‘भूल जाओ खुदा के लिए सेक्युलरिज़म-सेक्युलरिज़म’

हमेशा हिन्दुओं को सेक्युलरिज़म का तकाजा याद कराने वाले ओवैसी ने मुस्लिमों से सेक्युलरिज़म भूल जाने की अपील की। “हमको अपने नुमाइंदों की ज़रूरत है।” देश में उन्होंने सेक्युलरिज़म को ‘अस्पताल के वेंटिलेटर पर’ बताया।

40-50 मुस्लिम सांसद मिल कर याकूब को बचा लेते

याकूब मेमन की फाँसी का ज़िक्र करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि अगर याकूब मेमन की फाँसी के समय संसद में 40-50 मुस्लिम सांसद होते तो कॉन्ग्रेस पर सियासी दबाव बनाकर उसकी मौत की सज़ा को उम्रकैद में तब्दील कराया जा सकता था। (हालाँकि ऐसा वे कॉन्ग्रेस  की मदद से भी कैसे कर पाते, यह समझ से परे है, क्योंकि मेमन की फाँसी के समय 2015 में पूर्ण बहुमत की सरकार भाजपा की थी, और राजनीतिक रास्ते से किसी की फाँसी रोकने के लिए गृह मंत्रालय की अनुशंसा चाहिए होती, जो कि सत्ताधारी होने के चलते भाजपा के ही हाथ में रहता, कॉन्ग्रेस, 40-50 अतिरिक्त मुस्लिम सांसदों या ओवैसी के हाथ में नहीं।)

इस मामले में सिख समुदाय को भी घसीटते हुए उन्होंने व्यंगात्मक तौर पर सिख समुदाय को ‘सलाम’ किया। “तुमने हमको आईना दिखा दिया कि जिसके पास सियासी ताकत है, उसी की बात सुनी जाती (है)।” ओवैसी का कहना था कि पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिह की हत्या के आरोपित बलवंत सिंह राजोआना की फाँसी सिखों के तुष्टिकरण के लिए ही रोकी गई थी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP की तीसरी बार ‘पूर्ण बहुमत की सरकार’: ‘राम मंदिर और मोदी की गारंटी’ सबसे बड़ा फैक्टर, पीएम का आभामंडल बरकार, सर्वे में कहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है। नए सर्वे में भी कुछ ऐसे ही आँकड़े निकलकर सामने आए हैं।

‘राष्ट्रपति आदिवासी हैं, इसलिए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया’: लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गाँधी ने फिर किया झूठा दावा

राष्ट्रपति मुर्मू को राम मंदिर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe