पुलिस से वहाँ उपस्थित लोग झड़प करने लगे। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर के लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा। जमालुद्दीन अंसारी, हुसैन ख़ान, सैयद नवाब कुरैशी, मोहम्मद मिराज शेख और अजहरुद्दीन शेख समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। इन सब पर राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट लगाया गया है।
रहमानिया मस्जिद से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू। क्योंकि 12 मार्च को ओमान से आया कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति 24 मार्च तक इसी मस्जिद में नमाज पढ़ने आता रहा जबकि उसे खाँसी बुखार के लक्षण थे। यह खुद 200 से ज्यादा लोगों से मिला है। और इसके परिवार के 32 लोग हजारों लोगों से!
देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण और उससे उपजे डर के कारण मास्क की कालाबाजारी चरम पर है। इस कालाबाजारी के आलम में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से भी मास्क गायब होने की खबरें आनी शुरू हो गईं हैं। वाकया जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल का है, जहाँ से तकरीबन ढाई लाख से ज्यादा मास्क गायब हो गए हैं।
राजस्थान के बाद पंजाब ने भी 31 मार्च तक पूरी तरह लॉकडाउन का फैसला किया है। राज्य में अब तक संक्रमण के 13 मामले सामने आ चुके हैं। सीएम अमरिंदर सिंह ने इस संकट से निपटने में प्रशासन की मदद की अपील की है।
तकरीबन तीन सौ लोगों ने मौलवी को छुड़ाने के लिए कोतवाली थाने के अंदर घुसकर वहाँ मौजूद अधिकारियों पर पत्थरों से हमला बोल दिया। इसमें एक एएसआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
"लखनऊ में रहते हुए मैंने अपने बेटे दुष्यंत और उसके ससुराल वालों के साथ रात्रि भोज में भाग लिया था। कनिका जो दुर्भाग्यवश पॉजिटिव आई हैं, वह भी वहाँ एक अतिथि थी। सावधानी के लिए मेरे बेटे और मैंने तुरंत खुद को क्वारंटाइन किया है। हम सभी आवश्यक सावधानी बरत रहे हैं।"
"ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं, भारत हर मामले में पीछे है।" - राजस्थान महिला कॉन्ग्रेस की महासचिव रीना मिमरोत ने ट्विटर पर यह लिखा, क्यों लिखा इसका जवाब सिर्फ वो या कॉन्ग्रेस दे सकती है।
राज्यसभा के लिए बीजेपी ने तीन उम्मीदवार खड़े कर कॉन्ग्रेस की नींद उड़ा दी है। उसे क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। इसके कारण 35 विधायक जयपुर और 15 उदयपुर ले जाए जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में बीजेपी ने बजट सत्र स्थगित कर फ्लोर टेस्ट की मॉंग की है।
उम्मीदवार बनाए गए डांगी सीएम गहलोत के बेहद करीबी बताए जाते हैं। उनकी उम्मीदवारी से पायलट भी सहमत नहीं थे। हालॉंकि आलाकमान के हस्तक्षेप पर वे मान गए। लेकिन, डांगी की उम्मीदवारी को लेकर अब भी पार्टी में एक राय नहीं है।
ऐसा नहीं है कि गहलोत और पायलट में अचानक से दूरियॉं बढ़ी है। सरकार गठन के बाद से ही पायलट की उपेक्षा की जा रही है। आरटीआई से सामने आई एक जानकारी से भी इसकी पुष्टि होती है। इसके मुताबिक 25 करोड़ के 62 विज्ञापन दिए गए। इसमें सिर्फ और सिर्फ गहलोत ही नजर आए।