Homeराजनीतिगुजरात में भी फँसी कॉन्ग्रेस, विधायक जाएँगे राजस्थान: जयपुर में पहले से ही हैं...

गुजरात में भी फँसी कॉन्ग्रेस, विधायक जाएँगे राजस्थान: जयपुर में पहले से ही हैं मध्य प्रदेश के MLA

गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक हर्षद रिबाड़िया का कहना है कि हॉर्स ट्रेडिंग के भय से वे लोग खुद को राजस्थान शिफ्ट करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार के राज्यसभा चुनाव में भी कॉन्ग्रेस विधायकों को बीजेपी ने अपने पाले में लाने की कोशिश की थी। इस बार फिर से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए विधायकों को सुरक्षित रखकर उन्हें वोट देने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद अब गुजरात में भी कॉन्ग्रेस की मुसीबत बढ़ती दिख रही है। यहॉं बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव का गणित इस कदर उलझा दिया है कि उसे क्रॉस वोटिंग का खतरा दिख रहा है। इसे देखते हुए उसने अपने विधायकों को राजस्थान शिफ्ट करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर खतरा मंडराने के बाद से कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर के ही रिसॉर्ट में रख रखा है।

गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक हर्षद रिबाड़िया का कहना है कि हॉर्स ट्रेडिंग के भय से वे लोग खुद को राजस्थान शिफ्ट करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार के राज्यसभा चुनाव में भी कॉन्ग्रेस विधायकों को बीजेपी ने अपने पाले में लाने की कोशिश की थी। इस बार फिर से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए विधायकों को सुरक्षित रखकर उन्हें वोट देने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 35 कॉन्ग्रेस विधायक जयपुर और 15 उदयपुर ले जाए जा रहे हैं। विधायकों के एक जत्थे के साथ राज्यसभा उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल तो दूसरे के साथ दूसरे राज्यसभा उम्मीदवार भरत सिंह सोलंकी होंगे। यह कदम पॉंच विधायकों के पाला बदलने की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। असल में गुजरात विधानसभा का जो मौजूदा गणित है उसमें दो-दो सीट पर भाजपा और कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की है। लेकिन, भाजपा तीन सीट जीतने का दावा कर रही है। उसके तीन उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है।

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने बजट सत्र स्थगित कर फ्लोर टेस्ट की मॉंग की है। बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर इसका अनुरोध किया। उनसे कहा कि वे राज्य सरकार को बहुमत साबित (फ्लोर टेस्ट) करने के लिए निर्देश दें। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के कारण पैदा हुआ है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।

इसके अलावा बताया जा रहा है कि राजस्थान में भी उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी उपेक्षा से नाराज हैं। इतना ही नहीं राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक करीबी को उम्मीदवार बनाए जाने से भी पार्टी नेता नाराज हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -