कॉन्ग्रेसी मंत्री ने कहा कि चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए राम मंदिर का निर्माण किया गया है। ये पुलवामा हमले की तरह एक महज एक राजनीतिक स्टंट है।
सीएम सिद्धारमैया ने ये सब देख कहा था कि वो किसी के प्रदर्शन करने से बिलकुल नाराज नहीं हैं। लेकिन अगर किसी ने कानून अपने हाथ में लिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
'कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड' ने कर्नाटक सरकार को 28 सितंबर से लेकर 15 अक्टूबर तक हर दिन 3000 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा था। सिद्धारमैया बोले - सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।
कावेरी जल विवाद 140 साल से भी अधिक पुराना है। इसकी शुरुआत साल 1881 में तब हुई जब मैसूर राज्य ने कावेरी नदी पर बाँध बनाने का फैसला किया। अब तक लड़ रहे कर्नाटक और तमिलनाडु।
कर्नाटक में कॉन्ग्रेसियों की गुंडागर्दी सामने आई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को 'सिद्धरमुल्ला' कहने वाले को पीटा, घुटने के बल बिठा कर मँगवाई माफ़ी।