अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार को Abbey गेट पर हुये फिदायीन हमले में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी मिलिट्री ने इसकी पुष्टि की है।
खान कहते हैं, “मैंने अपना सब खो दिया। बड़ी मुश्किल से 60 हजार रुपए और कुछ सूटकेस अपने साथ लेकर आ पाया। मैं वहाँ बचपन से था। मेरा घर और दुकान लूट ली गई।"
ज्यादातर रिफ्यूजी चाहते हैं कि UNHCR उनका थर्ड कंट्री सैटलमेंट कराए, लेकिन यूरोप के अलावा दुनिया के कई बड़े देशों ने उन्हें अपने यहां शरण देने से इनकार कर दिया है।
इस बीच तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार के लिए कई मंत्रियों के नामों का ऐलान कर दिया है। तालिबान ने सखाउल्लाह को कार्यवाहक शिक्षा मंत्री और अब्दुल बारी को उच्च शिक्षा मंत्री और सद्र इब्राहिम को अंतरिम गृह मंत्री बनाया गया है।
'किसान आंदोलन' में सिखों को भड़का कर हिंसा करवाई गई। शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को लंगर खिलाया गया। मोदी सरकार ने तालिबान से सिखों को बचाने में देर नहीं की।