Wednesday, April 17, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'अफगानिस्तान को तालिबान बनाना चाहता है तालिबानिस्तान': अमरुल्ला सालेह, 'तालिबान का कसाई' बना अंतरिम...

‘अफगानिस्तान को तालिबान बनाना चाहता है तालिबानिस्तान’: अमरुल्ला सालेह, ‘तालिबान का कसाई’ बना अंतरिम वित्त मंत्री

सालेह ने तालिबान के शासन को किसी भी रूप में मान्यता नहीं देने की अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि देश तानाशाही को खारिज करता है। हम चाहते हैं कि लोग अपनी बात कहें। हम नहीं चाहते कि अफगान लोगों की व्यक्तिगत पहचान छिन्न-भिन्न हो।

अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने इंडिया टुडे के साथ एक संक्षिप्त साक्षात्कार में तालिबानी कब्जे को लेकर कहा कि देश तालिबान की ‘तानाशाही’ को खारिज करता है। अशरफ गनी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले सालेह ने बातचीत के लिए तैयार रहने की बात कही है।

उन्होंने कहा, “हम तालिबान के साथ सार्थक बातचीत को प्राथमिकता देते हैं।” सालेह ने तालिबान के शासन को किसी भी रूप में मान्यता नहीं देने की अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि देश तानाशाही को खारिज करता है। हम चाहते हैं कि लोग अपनी बात कहें। हम नहीं चाहते कि अफगान लोगों की व्यक्तिगत पहचान छिन्न-भिन्न हो।

तालिबान पर निशाना साधते हुए सालेह ने कहा, “वे अफगानिस्तान को मिटाना चाहते हैं और तालिबानिस्तान की स्थापना करना चाहते हैं।”

उन्होंने मीडिया से बातचीत में आगे कहा कि अफगान लोगों को राज्य के चरित्र को निर्धारित करने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम पद या व्यक्तिगत पक्ष की माँग नहीं कर रहे हैं।”

पंजशीर को सुरक्षित करने वाले तालिबान के दावों का खंडन करते हुए सालेह ने कहा कि स्थिति उनके नियंत्रण में है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा, “लोगों की नैतिकता का स्तर काफी ऊँचा है। समुदाय सर्वसम्मति से खड़ा हुआ है और प्रतिरोध बहुत ही मजबूत है।”

स्थिति गंभीर है

तालिबान के उदय के साथ अफगानिस्तान में भयावह होते हालात से दुनिया को रूबरू कराने के लिए देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति सालेह ने मंगलवार को ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने इसे मानवीय संकट करार देते हुए कहा कि अंदराब घाटी अभी तक तालिबान के कब्जे में नहीं है औऱ इसीलिए तालिबानी भोजन औऱ ईंधन को यहाँ तक पहुँचने ही नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों से तालिब बच्चों और बुजुर्गों का अपहरण कर रहे हैं। ये इन्हें या तो ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं या फिर घरों की तलाशी लेते हैं।” सालेह के मुताबिक, इस डर से हजारों महिलाओं और बच्चों को पहाड़ों की ओर भागने को मजबूर होना पड़ा है।

अफ़ग़ानिस्तान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सालेह ने ट्वीट किया, “मैं अफ़ग़ानिस्तान का मालिक हूँ और यह मेरा मालिक है। हम एक हैं। यह मुझसे हर दिन बात करता है।”

इस बीच, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के अधिकांश हिस्सों पर नियंत्रण करने और काबुल पर कब्जा करने के बाद अमेरिका समेत कई यूरोपीय देश और भारत अपने-अपने नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए एक गहन बचाव अभियान चला रहे हैं।

तालिबान ने अंतरिम सरकार के मंत्रियों का किया ऐलान

इस बीच तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार के लिए कई मंत्रियों के नामों का ऐलान कर दिया है। इसके तहत तालिबान ने सखाउल्लाह को कार्यवाहक शिक्षा मंत्री और अब्दुल बारी को उच्च शिक्षा मंत्री और सद्र इब्राहिम को अंतरिम गृह मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा मुल्ला शिरीन को काबुल का गवर्नर और हमदुल्ला नोमानी को काबुल का मेयर नियुक्त कर दिया है।

इन सब के अलावा किसी वक्त पर तालिबान के कट्टर विरोधी माने जाने वाले गुल आगा शेरजई को तालिबानी सरकार का वित्त मंत्रालय सौंपा गया है। कंधार औऱ नंगरहार के गवर्नर रहे शेरजई को तालिबान का कसाई भी कहा जाता है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नॉर्थ-ईस्ट को कॉन्ग्रेस ने सिर्फ समस्याएँ दी, BJP ने सम्भावनाओं का स्रोत बनाया: असम में बोले PM मोदी, CM हिमंता की थपथपाई पीठ

PM मोदी ने कहा कि प्रभु राम का जन्मदिन मनाने के लिए भगवान सूर्य किरण के रूप में उतर रहे हैं, 500 साल बाद अपने घर में श्रीराम बर्थडे मना रहे।

शंख का नाद, घड़ियाल की ध्वनि, मंत्रोच्चार का वातावरण, प्रज्जवलित आरती… भगवान भास्कर ने अपने कुलभूषण का किया तिलक, रामनवमी पर अध्यात्म में एकाकार...

ऑप्टिक्स और मेकेनिक्स के माध्यम से भारत के वैज्ञानिकों ने ये कमाल किया। सूर्य की किरणों को लेंस और दर्पण के माध्यम से सीधे राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe