ये साध्वी ऋतम्भरा ही थीं, जिन्होंने कहा, "हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।" जिनमें खुलकर यह कहने का साहस था, "महाकाल बनकर दुश्मन से टकराएँगे, जहॉं बनी है मस्जिद, मंदिर वहीं बनाएँगे।"
"दलित समुदाय हिंदू समाज का एक अभिन्न अंग है... इस समुदाय ने धर्मांतरण का विरोध किया है और गौ रक्षा के लिए सबसे ज्यादा लड़ाई लड़ी है। विहिप उनका ऋणी है।"
कई लोग अगस्त में ही दीपावली मानाने की तैयारी में भी दिखते हैं। वैसे इससे हमें दूसरा वाला नारा - काशी-मथुरा बाकी है, याद आ जाता है, मगर उससे दीयों के बजाए कुछ और ही जलने लगेगा! नहीं?
दान की भूमि पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता है, ऐसा होने पर मस्जिद में की गई दुआ कबूल नहीं होती है। नतीजतन मुस्लिम समाज को उस स्थान पर अस्पताल और विद्यालय खोलना चाहिए।
NDTV और द वायर जैसे ही मीडिया गैंग अयोध्या में जारी व्यवस्थाओं को लेकर लगातार ही भ्रामक खबरें दे रहे हैं। NDTV का अपनी रिपोर्ट में कहना है कि वहाँ पर आने वाले दिनों में बहुत सरे लोग जमा होने जा रहे हैं लेकिन इंतजाम ठीक नहीं किए जा रहे हैं।
रौनाही में मिली जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए आज ट्रस्ट का गठन कर लिया गया है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड संस्थापक ट्रस्टी बना है और इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे।