आईएमएफ ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ़ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है, जिसका असर ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक विकास दर का धीमा होना एक साइक्लिक प्रक्रिया है।
कंगाली के कगार पर खड़ा पाकिस्तान अब सरकारी संपत्ति बेचने को भी मजबूर हो गया है। उसने पॉंच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद भारत के साथ व्यापार रद्द कर कूटनीतिक संबंध कमतर कर दिया था।
5 नवंबर बीत जाने के बाद कॉन्ग्रेस नींद से उठी और यह ध्यान आया कि उन्होंने एक और अंतिम तिथि में चूक कर दी। इसके बाद ट्विटर पर यूज़रों ने मौका नहीं गँवाया कॉन्ग्रेस को उसके पूर्व अध्यक्ष से भी बड़ा मज़ाक बताने में, एक ने लिखा कि जल्दी क्या है, अभी तो नया साल पड़ा हुआ है.....
इनफ़ोसिस ने कहा था कि उसे अब तक गुप्त शिकायतों के पक्ष में कोई सबूत नहीं मिले हैं। शिकायतों में कहा गया था कि कंपनी का चोटी का मैनेजमेंट कथित अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल करता था।
'द हिन्दू' लिखता है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में खुशियाँ आ गई हैं। उसी दिन उसका भाई 'बिजनेस लाइन' लिखता है कि खुशियाँ नहीं आईं हैं। ये दोनों 'घोड़ा-चतुर' खेल कर पाठकों को पागल बना रहे हैं। एक ही ख़बर को दो तरीके से पेश किया जा रहा है। मंदी है भी, नहीं भी। सब ठीक भी है, नहीं भी......
बिफरे हुए पाकिस्तानी व्यापारी सड़क पर उतर आए हैं। पाकिस्तान में व्यापार संबंधी सारी गतिविधियाँ ठप पड़ गईं हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी माँगें माने जाने तक हालात ऐसे ही बने रहेंगे।
वर्ष 2014 में जब PM मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार बनी, तो उस समय भारत की रैंकिंग 190 देशों में से 142वें स्थान पर थी। 4 साल तक जारी सुधार के बाद साल 2017 में भारत की रैंकिंग सुधरकर 100 हो गई। 2018 में स्थिति फिर सुधरी और भारत ईज़ ऑफ़ डुईंग लिस्ट में 77वाँ स्थान बनाने में क़ामयाब रहा था।
अर्थशास्त्री बनर्जी ने कॉन्ग्रेस को झटका देते हुए कहा है कि वो नहीं मानते हैं कि 'न्याय योजना' एक अच्छी तरह तैयार की गई योजना थी। साथ ही उन्होंने इस योजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए ख़ुद को ज़िम्मेदार बताने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए इनकम टैक्स बढ़ाना होता।