इस साल मई के महीने में नागालैंड के मोन जिले के अंतर्गत असम राइफल्स 40 रेजिमेंट के जवानों के पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इसके बाद दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियाँ चली थी। इस हमले में असम राइफल्स के 2 जवान शहीद हो गए थे।
"एक दिन दाऊद पोरबंदर से मुंबई लौट रहा था, तो उसकी कार में पीछे की सीट पर बैठे उसके साथी ने गोली चलाई, यह गोली ग़लती से दाऊद को लग गई थी, जबकि निशाना विरोधी करीम लाला के क़रीबी आलमजेब पर था। यह गोली दाऊद की गर्दन में लगी थी। तभी उसे बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया था।"
ये वही सज्जाद भट्ट है, जिसकी कार 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में इस्तेमाल हुई थी। आत्मघाती हमलावर आदिल डार को कार देने के बाद सज्जाद भट खुद भी जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था।
पाकिस्तान को FATF में ब्लैकलिस्ट किए जाने की भारत माँग करता रहा है। जवाब में पाकिस्तान में भारत को उसके एशिया-प्रशांत सह-चेयर पद से हटाए जाने की माँग की है। इसके लिए उसने दोनों देशों के बिगड़े संबंधों का हवाला दिया है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि लश्कर के दोनों आतंकी एक और शख्स के साथ खड़े हैं। तीसरा शख्स शायद मस्जिद का इमाम हो सकता है।
यह वीडियो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चिंतित किसी भी सच्चे नागरिक को परेशान कर सकता है। क्योंकि, कश्मीर में बेशक आतंकी गतिविधियाँ वर्षों से संरक्षण पाती आ रही हों लेकिन पाकिस्तान की तरह खुलेआम आतंक और जिहाद के नाम पर उकसाते और चंदा इकठ्ठा करते आतंकी आने वाले किसी बड़े खतरे की आहट हैं।
चरमपंथ के रास्ते पर लोगों को जाने से रोकने के लिए चीन की सरकार व्यवसायिक शिक्षा केंद्र चला रही है, जिनमें उइगुर और तुर्की-भाषी मुस्लिमों को रखा गया है। वहाँ उन्हें मंदारिन भाषा और चीन के कायदे-कानूनों से वाकिफ कराया जाता है।