हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जिस तरह आरोपितों ने अपने सहयोगियों के साथ मिल कर दिन-दहाड़े सार्वजनिक स्थल पर भगवान राम के जीवन के घटनाक्रम से संबंधित ग्रन्थ का अपमान किया, उससे सामाजिक आक्रोश स्वाभाविक है।
सर्वे के खिलाफ दायर इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से माँग की गई थी कि वो हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्टे ऑर्डर देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट में सरकारी वकील ने ये कहते हुए याचिका का विरोध किया कि राजस्व कानून के तहत इस पर यहाँ सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि याचिकाकर्ता के पास तहसीलदार के ऊपर अपील करने का विकल्प है।