"गुरुद्वारा सबका है, लेकिन आप उस साले का कुत्ते का (झंडा) लगा कर घूम रहे हो, हमारे घर बर्बाद हो गए इसके चक्कर में। आप हाथ हटाओ और इसे (झंडे को) तुम खोलो।"
पुलिस पर विधि विरुद्ध, अनुचित दबाव बनाता देख अधिकारी को शक हुआ और पुष्टि के लिए कार्यालय में जानकारी की गई। वहाँ से पता चला कि इस संबंध में कोई फोन नहीं किया गया। फर्जी पाए जाने पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाँवों से गाजीपुर विरोध स्थल पर जाने वाले सभी 'प्रदर्शनकारियों' का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इन सभी किसानों को नोटिस दिए जा सकते हैं।