केरल के साइरो मालाबार चर्च ने ईसाई समुदाय की केरल की जनसंख्या में घटती हिस्सेदारी पर चिंता प्रकट की है। इसके लिए एक कारण समुदाय के एक लाख से भी अधिक अविवाहित पुरुषों का होना बताया गया है। चर्च के मुताबिक इन 1,00,000 पुरुषों की उम्र 30 वर्ष के ऊपर है।
सीएन चंद्रन के मुताबिक वेद और उपनिषद वैज्ञानिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन संघ परिवार के लोग इस विषयों पर अपना एकाधिकार मानते हैं और फिर उनकी गलत व्याख्या करते हैं।
एसपी केजी साइमन ने बताया कि कूडाथई गाँव की जॉली जोसेफ ने परिवार के सभी 6 सदस्यों की हत्या करने का गुनाह कबूल कर लिया है। एसपी केजी साइमन ने कहा कि जॉली की गिरफ्तारी उसके 40 वर्षीय पति रॉय थॉमस की हत्या के मामले में हुई है, जिसमें पुलिस को 2011 में शव परीक्षण के दौरान हत्या के कुछ वैज्ञानिक साक्ष्य मिले थे।
पूर्व केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर तिरुवनंतपुरम सीट से कॉन्ग्रेस के टिकट पर 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर चुके हैं। हालिया लोकसभा चुनावों में उन्होंने पिछले दोनों चुनावों से भी ज्यादा मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी।
2017 में, सुप्रीम कोर्ट ने मलंकरा चर्च के 1934 के संविधान को बरक़रार रखा था जिसके तहत केरल में 1100 पैरिश और चर्चों के नियंत्रण को ऑर्थोडॉक्स समूह के नियंत्रण में देना था, लेकिन अधिकांश चर्चों को नियंत्रित करने वाले जैकबाइट्स इस बात के लिए तैयार नहीं थे।
इतना सब कुछ सहने के बाद भी पीड़ित बच्ची का दिल अपने माँ-बाप का बुरा सोच कर सिहर उठता है। वो सोचती है कि अगर उसके पिता को सज़ा हुई तो घर का गुज़ारा कैसे चलेगा। घर में बीमार बूढ़ी दादी है, माँ है - इन सबको कौन देखेगा!
"ईसाई महिलाओं का धर्म परिवर्तन इस्लाम में या इस्लाम के लिए नहीं बल्कि इस्लामी आतंक में शामिल करने के लिए करवाया गया। इन महिलाओं को आतंकी क्रियाकलापों के लिए वाहक की तरह इस्तेमाल किया जाता है।"
जैकोबाइट ईसाई ने विरोध में धरना दिया, जिसमें केरल सरकार और विपक्ष के कई नेता शामिल हुए। जैकोबाइट धड़े ने आरोप लगाया कि ऑर्थोडॉक्स उनके मृत रिश्तेदारों की अंतिम क्रिया में भी बाधा पहुँचा रहे हैं और यहाँ तक कि मरे हुए लोगों को भी शांति से नहीं रहने दे रहे।
आरोपित जसीम ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ तब तक बलात्कार किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई और उसके बाद उसने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें लीं। वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने लगा।
कुछ लड़कियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदरसा प्रशासन के ख़िलाफ़ शोषण की शिकायत की। अनवर कराक्कड़ ने बताया कि पूछताछ में 1 लड़की ने बताया कि मौलवी रफीक ने उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौलवी को गिरफ्तार कर लिया।