कॉन्ग्रेस का काम व्हाट्सएप्प से चल रहा है। एक तरह से जमीन पर उतरने की बजाए नेता Whatsapp से 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहे। प्रियंका गॉंधी की सांगठनिक क्षमता का इससे बेहतर नमूना और क्या हो सकता है।
मुख्यमंत्री पारम्परिक पोषक में दिखे। वहाँ उन्होंने परिवार के साथ गायों की पूजा की। बघेल ने इस दौरान गायों को खिचड़ी खिला कर पूजा की परंपरा का पालन किया। गौरी-पूजा में मुख्यमंत्री ने ताबरतोड़ चाबुक भी खाए।
"जो निर्दलीय विधायक खट्टर सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं, वे अपनी राजनीतिक कब्र खोद रहे हैं। वे जनता के विश्वास को बेच रहे हैं। हरियाणा की जनता ऐसा करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। जनता उन्हें जूतों से पीटेगी।"
सुभाष चोपड़ा 1968 में छात्र राजनीति से शुरुआत करने के बाद कॉन्ग्रेस की ओर झुकाव लेकर सक्रिय राजनीति में आए। 1970-71 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए। इसके बाद सुभाष दिल्ली कॉन्ग्रेस के सचिव, खजांची और महासचिव के अलावा उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कॉन्ग्रेस के चुने हुए 45 नेता भाग ले रहे हैं। शिविर से जुड़ी सूचनाएँ या तस्वीर लीक न हो इसके लिए सभी नेताओं से मोबाइल फोन पहले ही ले लिए गए हैं।
विधानसभा के दौरान 18 ऐसे नेता थे, जिन्हें कॉन्ग्रेस ने पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहने का आरोप लगा कर 6 साल के लिए निकाल बाहर किया था। वहीं अशोक तँवर को लेकर पार्टी ने अभी तक स्थिति साफ़ नहीं की है, जिन्होंने चुनाव के दौरान जम कर जेजेपी का प्रचार किया।
पार्टी छोड़ने वाले कॉन्ग्रेस और झामुमो के विधायक पिछले एक महीने से भाजपा के संपर्क में थे। झामुमो छोड़ने वाले जेपी पटेल के मुताबिक अब वे सब मिलकर महागठबंधन या ठगबंधन को सबक सिखाएँगे।
सिंघवी को कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता का फोन गया था और उनसे ट्वीट के कथ्य और इसकी टाइमिंग पर सवाल किए गए। कहा जा रहा है सिंघवी को ये कॉल सोनिया गाँधी के कहने पर किया गया, जो कि सिंघवी के ट्वीट से नाराज दिखीं।