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यौन दुराचार के आरोप को प्रोफेसर ने बताया झूठा, कहा- बदनाम करने के लिए विरोधियों ने रची साजिश: IIT बीएचयू का छात्र है पीड़ित

सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर आरपी पाठक ने दावा किया था कि मामले को ग्रीवांस सेल के पास जाँच के लिए भेज दिया गया है। लेकिन, अब तक आरोपित प्रोफेसर पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के ‘सामाजिक बहिष्करण केंद्र (Social Exclusion Centre)’ के प्रोफेसर अमरनाथ पासवान ने यौन दुराचार के आरोपों को झूठा बताया है। ऑपइंडिया को उन्होंने बताया कि उन्हें बदनाम करने के लिए विरोधियों ने यह साजिश रची थी। उनके खिलाफ एक छात्र ने गलत तरीके से छूने की जो शिकायत की थी, वह जाँच में फर्जी पाई गई है। प्रोफेसर अमरनाथ पासवान ने जाँच में क्लीनचिट मिलने के दस्तावेजी प्रमाण जल्द उपलब्ध कराने की बात भी कही है।

आईआईटी बीएचयू के एक छात्र ने आरोप लगाया था कि पासवान ने अपनी गाड़ी में ले जाकर उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार का प्रयास किया। उल्लेखनीय है कि अमरनाथ पासवान जन अधिकार पार्टी (JAP) से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। प्रोफेसर अमरनाथ पासवान ने 2019 लोकसभा चुनाव में मछली शहर लोकसभा क्षेत्र से जाप प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकी थी। उन्हें कॉन्ग्रेस का समर्थन हासिल था। कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने पासवान के लिए चुनाव प्रचार भी किया था और अपनी रैलियों में उनके लिए वोट माँगे थे। प्रियंका ने जौनपुर जिले में बदलापुर स्थित सरोखनपुर क्षेत्र में डाक बंगला रैली के दौरान लोगों से अमरनाथ पासवान को वोट देने की अपील की थी।

हालाँकि, उस चुनाव में पासवान को हार मिली थी। उन्हें महज 7622 मत ही प्राप्त हुए थे। कॉन्ग्रेस का छात्र संगठन NSUI भी उस चुनाव में अमरनाथ पासवान के पीछे मजबूती से खड़ा था। बीएचयू में भी एनएसयूआई संगठन ने प्रोफेसर पासवान का समर्थन किया था। यूपी ईस्ट एनएसयूआई के संयोजक मोहम्मद आमिद ने आम चुनाव से पहले 17 अप्रैल को ये ट्ववीट किया था, जिससे कई बातें साफ़ हो जाती हैं:

बीएचयू के आक्रोशित छात्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रोफेसर के इस कृत्य के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाया जाएगा। ‘संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय’ में फ़िरोज़ ख़ान की नियुक्ति को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पहले से ही विवादों में घिरा है। ऐसे में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में स्थित ‘सर्वविद्या की राजधानी’ में एक प्रोफेसर पर ऐसे आरोप लगना चौंकाने वाला है। छात्रों ने कुलपति राकेश भटनागर से इस मामले की जाँच कराने और आरोपित पर कार्रवाई करने की माँग की है।

पीड़ित आईआईटी बीएचयू के बायो केमिकल इंजीनियरिंग का छात्र है। सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर आरपी पाठक ने बताया कि मामले को ग्रीवांस सेल के पास जाँच के लिए भेज दिया गया है। प्रोफेसर पाठक ने कहा कि जाँच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। इंटरनल कंप्लेंट कमिटी की जाँच में क्या निकला, इस सम्बन्ध में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी जानकारी नहीं दी है।

(नोट: आरोपित अमरनाथ पासवान से बात होने पर इस खबर में उनका पक्ष शामिल करते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं।)

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अनुपम कुमार सिंह
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भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

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