Homeराजनीति'राहुल गाँधी की रैली के बाद नदवा में भड़की हिंसा, ओवैसी देश में नए...

‘राहुल गाँधी की रैली के बाद नदवा में भड़की हिंसा, ओवैसी देश में नए जिन्ना के तौर पर कर रहे हैं काम’

"ओवैसी देश में नए जिन्ना के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी प्रतिस्पर्धा में अमानतुल्लाह खान हैं, वह दिल्ली का जिन्ना बनना चाहते हैं। ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि बंगाल में रहने वाले को बांग्ला बोलनी होगी, लेकिन अब हिंदी में ही पूरा भाषण क्यों दिया। क्या उनकी मंंशा पूरे देश में उपद्रव की है।"

नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ आज उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित नदवा महाविद्यालय में हुए प्रदर्शन के लिए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा है कि शनिवार को ही राहुल गाँधी की रीलॉन्चिंग के लिए रैली हुई थी और अगले ही दिन हिंसा भड़क गई। उनके मुताबिक, राहुल गाँधी प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ लोगों को ये कहकर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं कि पीएम मोदी हिंदू-मुस्लिम में फर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता के अनुसार विपक्ष नागरिकता कानून पर हिंदू-मुस्लिम कर विभाजनकारी नीति अपना रहा है, लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है। उनके मुताबिक छात्रों को केवल मोहरा बनाया गया है। ताकि राजनैतिक महत्तवकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।

संबित पात्रा ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि संसद से पारित कानून के खिलाफ जिस तरह से हिंसक प्रदर्शन हो रहा है, उससे पता चलता है कि विपक्ष जिम्मेदार बर्ताव नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ओवैसियों को मुस्लिम वोट बैंक के लिए उतारा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बातचीत में संबित पात्रा ने ओवैसी को नया जिन्ना के रूप में बताया और विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा, “ओवैसी देश में नए जिन्ना के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी प्रतिस्पर्धा में अमानतुल्लाह खान हैं, वह दिल्ली का जिन्ना बनना चाहते हैं। ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि बंगाल में रहने वाले को बांग्ला बोलनी होगी, लेकिन अब हिंदी में ही पूरा भाषण क्यों दिया। क्या उनकी मंंशा पूरे देश में उपद्रव की है।

संबित पात्रा ने कहा कि हम कल से दिल्‍ली में हिंसा देख रहे हैं और आज लखनऊ में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। नागरिकता संशोधन कानून में किसी भी धर्म, जाति के नागरिक के साथ भेदभाव का प्रावधान नहीं है। किसी के अधिकारों का हनन नहीं है। कुछ सियासी दल पढ़े-लिखे छात्रों को बरगला विरोध प्रदर्शन करा रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -