मीटिंग 3 दिसंबर को तय की गई है और हम तब तक यहीं पर रहने वाले हैं। अगर उस मीटिंग में कुछ हल नहीं निकला तो बैरिकेड तो क्या हम तो इनको (शासन प्रशासन) ऐसे ही मिटा देंगे।
इस अभियान का नाम 'रेफरेंडम 2020' रखा है। वहीं इस घोषणा के बाद भारतीय आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने राज्यों में कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।