"इन झंडों को केजरीवाल के सम्बोधन के बैकग्राउंड में लगाया जाता है, जिसमें ऐसा प्रतीत होता है कि इसके सफ़ेद भाग के कुछ हिस्से को हटा कर हरे रंग का क्षेत्र बढ़ा दिया गया है।"
वीडियो में जावेद कुरैशी कपड़े फाड़ते हुए महबूबा मुफ़्ती से कहते हैं, "ये कपड़े फाड़ के देख, हिंदुस्तान कहाँ पर बसता है, दिल में। तिरंगे की इज्जत इस दिल में है।"
"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"