“एक व्यक्ति को सिर्फ गवाही के आधार पर आरोपित नहीं बना दिया जाता है। हमारे पास लगाए गए आरोपों के अतिरिक्त तमाम ऐसे सबूत हैं जिनके आधार पर हम अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहे हैं।”
दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी हिंसा से संबंधित एक मामले में 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है।
आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।
16-17 फरवरी की देर रात चाँद बाग में मीटिंग करने का निर्णय लिया था। यहीं इनके बीच यह बात हुई कि दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के अंतिम चरण को उत्तरपूर्वी दिल्ली के इलाकों में अंजाम दिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में 15 लोगों को मुख्य आरोपित बनाया है। इसमें आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन, पूर्व कॉन्ग्रेस नेता इशरत जहाँ, खालिद सैफी, जेसीसी की सदस्य सफूरा ज़रगर और मीरान हैदर शामिल हैं।