केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए दिल्ली सरकार को करीब पौने 700 टन अनाज दिए। रखे-रखे ये अनाज सड़ गया। पैकेट्स पर सीएम केजरीवाल की तस्वीर ज़रूर लगा दी गई थी।
कठुआ में एक रेप हुआ था तो पूरे भारत को तुम लोगों ने रेपिस्तान बताया था। तुम्हें तो याद होगा ही? तुम्हारी ही यूनिवर्सिटी के लोग बॉलीवुड वालों के साथ खुद के हिन्दू होने पर शर्मिंदा हुए थे?