पीड़िता ने महिला आयोग में शिकायत कर अपने पिता, जो कि कॉन्ग्रेस शासन के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री भी थे और भाई पर बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
क्या किसान आंदोलनों से आ रहीं किसानों की मौत की खबरें वास्तव में धरना-प्रदर्शन से जुड़ी हुई मौत हैं? नोटबंदी के दौरान भी '32 दिन में 100 मौत' का चलन देखने को मिला था।
दिल्ली की संजय कॉलोनी से एक बेहद ही खौफनाक मामला सामने आया है। जहाँ एक सिरफिरे आशिक ने एक तरफा प्यार के जुनून में एक महिला के बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी।
गोखले ने इस आरटीआई के साथ इस मुद्दे को भी उठाया कि दिल्ली में AAP सरकार के पास पूजा पर खर्च करने के लिए धन था, जबकि दिल्ली में अनेक पीड़ित मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं
“13 दिसंबर को मुझे तीन तलाक देने से पहल मेरे पति और उसके घर वालों ने मुझे दहेज के लिए प्रताड़ित किया। मैंने इस संबंध में एफआईआर दायर करवाई है लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।”