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दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

पुलिस 'किसानों' को पीछे हटने के लिए कहती रही और किसान तलवार भाँजते हुए आगे बढ़ते रहे, उन्हें खदेड़ते रहे। एक पुलिस वाला हाथ जोड़े बैरिकेडिंग के पास खड़ा था, जिस पर घोड़े पर चढ़ा एक 'किसान' तलवार से...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का वादा कर के किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार (जनवरी 26, 2021) को राजधानी दिल्ली में पहुँच कर उपद्रव शुरू कर दिया है। सिंघु सीमा पर ढाई महीने से जमे किसानों ने संजय गाँधी ट्रांसपोर्ट नगर में हंगामा किया, जिसके बाद उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस के एक वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। ‘किसानों’ द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

पुलिस के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही पुलिस के साथ प्रदर्शनकारी किसानों ने जम कर हाथापाई भी की। इस दौरान पुलिस को हिंसा पर उतारू किसानों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

किसान तलवार लेकर पिल पड़े और पुलिसकर्मियों को खदेड़ने लगे। पुलिस उन्हें पीछे हटने के लिए कहती रही और किसान तलवार भाँजते हुए आगे बढ़ते रहे। इस दौरान वो धमकियाँ भी दे रहे थे।

इस घटना में पुलिस के वाटर केनन वाहन को क्षति पहुँची है और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं। वहीं मुबारक चौक पर भी किसान प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए और बैरिकेडिंग को तोड़ डाला। गाजीपुर सीमा पर भी किसान हिंसक हो गए और उन्होंने तोड़फोड़ मचाई, जिसके बाद पुलिस को उन्हें खदेड़ना पड़ा। किसान सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की तरफ मार्च करने को बेचैन हैं। फरीदाबाद-पलवल सीमा पर ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है।

वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्षी नेता भी किसानों को भड़काते हुए नज़र आए। प्रियंका गाँधी वाड्रा ने किसानों की ट्रैक्टर रैली की तस्वीरें शेयर कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी। कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है, जिनमें ग्रीन लाइन के अधिकतर स्टेशन शामिल हैं।

ट्रैक्टरों पर किसान यूनियनों और भारत के झंडे लगे हैं। उनकी संख्या दसियों हजार में है। इन संगठनों ने कहा है कि वो आउटर रिंग रोड और संसद भवन तक मार्च निकालेंगे।

इससे पहले प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी। वीडियो में देख सकते हैं कि भारी तादाद में किसान बैरीकेडिंग के पार खड़े होते हैं, फिर धीरे धीरे उस पर चढ़ना शुरू कर देते हैं और देखते ही देखते यह भीड़ बैरिकेड्स को तोड़ कर आगे की ओर भागते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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