प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह का इस मामले में कहना है कि नेपाली जमातियों को सपहा क्वारंटाइन केंद्र पर एम्बुलेंस से भेजा गया है। मेडिकल जाँच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
रक्सौल बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों ने जमातियों को रोकने का प्रयास किया था, मगर सभी जमाती जबरन नेपाल की सीमा में प्रवेश कर गए थे। यह सभी जमाती पाकिस्तान, इण्डानेशिया व भारत के थे। जिन्हें सीमा पार के बाद जालिम मुखिया ने शरण दी और उन्हें 10 बाइकों की व्यवस्था करके ले गया।
नेपाल प्रशासन ने 18 लोगों को पकड़कर क्वारंटाइन किया। सभी निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात द्वारा आय़ोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौटे थे। इनके अन्य साथियों की तलाश में सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
लामजुंग में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली एक चीनी कंपनी के मालिकों के साथ नेपाल के मार्यांगडी के स्थानीय लोग भिड़ गए। ग्रामीणों ने लामजुंग जिले के मंगरंगी ग्रामीण नगर पालिका-6 में थुलोबेसी स्थित न्यादी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही का विरोध किया।
रिपोर्टों के मुताबिक रोहिंग्याओं को जमीन खरीद कर बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है। कुछ हज़ार रुपए खर्च करने पड़े इन्हें नेपाल की नागरिकता संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जा रहे हैं।
थापा ने दुनिया के हिन्दुओं को वामपंथ के ख़िलाफ़ खड़े होने और सनातन धर्म के गौरव की रक्षा करने का आह्वान किया है। थापा ने कहा, "आइए दुनिया के सभी हिन्दू सनातन धर्म की महिमा को संरक्षित करने के लिए एकजुट हों।"
चीनी सेना ने लिपुलेख पास के बेहद करीब सैन्य सुविधाओं और आधारभूत ढाँचे का निर्माण किया है। इसमें एक हेलीपैड, एक सोलर पैनल और एक लॉन्ग रेंज रेकनाइसेन्स एंड ऑब्ज़र्वेशन सिस्टम (लोर्रस) शामिल है।
कर्फ़्यू को कथित रूप से तोड़ने के लिए गोली से मारे जाने के बाद भारतीय नागरिक सूरज कुमार पांडेय की मौत हो गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दो धार्मिक समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुए झड़प में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए।
ऑपरेशन ख़त्म होते ही जीवनाथन गायब हो गए। उन्होंने अपने अंतर्गत कार्य कर रहे लोगों से साफ़ कह दिया कि वे ऐसा समझें कि कोई जीवनाथन था ही नहीं। नेपाल के कई नेता जीवनाथन को खोजते हुए भटक रहे थे लेकिन जीवनाथन तो कोई था ही नहीं।