शफीक अहमद की असलियत पता चलने पर पीड़िता शफीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए घर से निकली। लेकिन, रास्ते में शफीक ने अपने भाई और पिता के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। करीब 5 दिनों तक किडनैपरों के चंगुल में रहने के बाद वो किसी तरह बच कर भागने में सफल हुई।
चुनावों के बीच गैंगरेप के इस मामले ने पूरे इलाके में रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का बयान नहीं आया है।
बीते दिनों चंद्रपुर के राजुरा तहसील में 'इनफैंट जीसस एजुकेशन सोसाइटी' द्वारा संचालित छात्रावास में रहने वाली नाबालिग आदिवासी छात्राओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए थे। इन मामलों में FIR दर्ज करने में देरी हुई थी।
पीड़िता का दावा है कि पुलिस अधिकारी मामले की जाँच का बहाना बनाकर उसे अपने घर ले गया। जहाँ पर पुलिस अधिकारी ने उसके साथ बलात्कार किया और साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को भी बताने की गलती न करे।
6 अप्रैल को हॉस्टल की 13 लड़कियाँ बेहोशी की हालत में थीं। लड़कियों को ORS के घोल में सेडेटिव ड्रग्स मिलाकर दिए जाते थे। उस हॉस्टल में 300 छात्र-छात्राएँ हैं जिसमें से 130 कक्षा पहली से दसवीं तक की लड़कियाँ हैं। हॉस्टल सुपरिटेंडेंट को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
मृतक लड़की की बहन ने बताया कि उसके पिता वलायत कुरैशी पिछले कई सालों से उसके साथ बलात्कार कर रहे थे पर पिता द्वारा जान से मारे जाने की धमकी के डर से वह किसी को अपनी आपबीती नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने बताया कि पीड़ित लड़की ने जहर खाकर आत्महत्या की। लड़की को अस्पताल में भरती कराया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शादी का वादा करके किसी महिला से यौन संबंध बनाना और फिर उससे शादी न करना रेप माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में यौन संबंध के लिए महिला की सहमति के कोई मायने नहीं हैं, क्योंकि यह धोखा देकर किया गया है।
नाबालिग लड़की की माँ ने शिक़ायत दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी का बलात्कार उसके देवर द्वारा कई बार किया गया था। नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के वाले चाचा को अगले दिन उल्लाल पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया।