राणा आयूब का यह पहला कैम्पेन नहीं है जो संदेह के दायरे में आया है। इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार और असम में राहत कार्यों के लिए कैम्पेन चलाया गया था। इस कैम्पेन में 68 लाख रुपए इकट्ठा हुए थे।
तबीयत बिगड़ने के बाद अली हसन को अस्पताल लाया गया, वहाँ 14 लीटकर ऑक्सीजन दी गई। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
अब इसी क्रम में सिद्धार्थ वरदाराजन ने फिर से फेक न्यूज फैलाई है। हालाँकि इसी फेक न्यूज के लिए एक दिन पहले ही द लॉजिकल इंडियन सार्वजनिक रूप से माफी माँग चुका है।
परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा में सरल प्रश्नों को पहले हल करने का सुझाव दिया जाता है लेकिन पढ़ाई के दौरान इसके उलट व्यवहार करना चाहिए।
यूपी पुलिस ने बीबीसी के दावे का खंडन करते हुए सच्चाई बताई। इस ट्वीट में उन्होंने साल 2016 से 2019 तक के क्राइम रेट का आँकड़ा भी शेयर किया है। जिसमें बताया गया है कि....