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मुस्लिम तुष्टिकरण

‘मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं’ – नजमा हेपतुल्ला की तब की बात… और अब संविधान के रास्ते मजहबी कट्टरता!

सवाल मुस्लिमों की अल्पसंख्यक बने रहने में रूचि को लेकर है। किसी देश में अल्पसंख्यक होना, उस देश की कृपा और मेहरबानी पर आश्रित होने जैसा भाव देता है। बावजूद इसके भारत में अल्पसंख्यक होना एक अवसर माना जाता रहा है। तो क्या अवसरवादिता के लिए...

कॉन्ग्रेस व विपक्ष की दंगाइयों, घुसपैठियों के साथ खड़े होने की क्या मजबूरी है?

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र डाउन ने वहाँ की नेशनल असेम्बली द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर छापा कि प्रति वर्ष 5000 हिन्दू अपनी जान बचाने के लिए भारत में जाकर शरण ले रहे हैं। तो फिर ऐसी क्या वजह है कि झूठी कपोल-कल्पित तस्वीर दिखाकर समुदाय विशेष के लोगों को भड़काने की राजनीति कॉन्ग्रेस और विपक्ष कर रही?

कसाब और याकूब मेमन को जो फाँसी से बचाना चाहता था, वो IAS बनेगा मुस्लिम, CAB से हुआ नाराज

"अगर नागरिकता संशोधन विधेयक पास होता है तो यह मेरा सविनय अवज्ञा होगा कि मैं खुद को आधिकारिक रूप से मुस्लिम पंजीकृत करवा लूँगा और फिर एनआरसी को कोई भी दस्तावेज नहीं दूँगा। अपने लिए किसी अज्ञात जगह पर नजरबंद किए जाने से लेकर नागरिकता वापस लेने जैसी सजा की भी माँग करूँगा।"

नागरिकता विधेयक: मुस्लिमों को भगाने वाला कानून? नहीं ब्रो, वामपंथी प्रपंच फैला रहे हैं!

हिन्दू कहीं भी हो, कट्टर नहीं है। वो सामाजिक अपराध कर सकता है, धार्मिक आतंकवादी नहीं बनता। लेकिन, बांग्लादेशी यहाँ दीमक की तरह फैल रहे हैं, और समाज को खोखला कर रहे हैं। इन्हें बाहर फेंकना समय की माँग है, इसलिए इन्हें नागरिकता देने का तो सवाल ही नहीं उठता।

मुस्लिमों को पीरियड के हिसाब से निकाह की आजादी चाहिए, फिर कैसे लागू होगी समान नागरिक संहिता?

विज्ञान कहता है कि पीरियड का शादी की उम्र से कोई रिश्ता नहीं होता। कम उम्र में शादी का लड़कियों के जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। बाल विवाह रोकने के लिए कानून भी है। फिर भी मुस्लिम लॉ का हवाला देकर अदालत के फैसले पर सवाल। आखिर इस दकियानूसी सोच और कठमुल्लों के दवाब का क्या है इलाज?

पीरियड आते ही मुस्लिम लड़कियों की शादी जायज: कब बदलेगा कट्टरपंथियों का कानून

सांप्रदायिकता की लकीर खींचने के लिए अंग्रेज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एप्लिकेशन एक्ट लेकर आए। आजादी के बाद कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण नीति की वजह से बाल विवाह के कानून बदले, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को छुआ भी नहीं गया।

हलाल मांस इस एक वजह से भी हो जाता है ‘हराम’, जानिए क्या है मजहब का ‘कानून’

जब समुदाय विशेष का व्यक्ति विशेष रूप से हलाल मांस की माँग करता है, तो ऐसे में वह साफ़ तौर पर ऐसी सेवा की माँग कर रहा होता है, जो केवल उसके ही मजहब द्वारा ही दी जा सकती है। बेहद साफ़ है कि एक मुस्लिम अपनी धार्मिक पहचान के कारण एक ग़ैर-मुस्लिम से सेवा लेने से इनकार करता है।

दॉंव पड़ा उलटा तो गिड़गिड़ाने लगा जोमैटो, कहा-हिन्दू डिलीवरी ब्वॉय भेजेंगे

स्क्रीनशॉट में जोमैटो का कस्टमर केयर ग्राहक से बार-बार माफी मॉंगता नजर आ रहा है। इस स्क्रीनशॉट की सत्यता की पुष्टि के लिए हमने जोमैटो के कार्यालय से कई बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

Zomato विवाद: अमित शुक्ला का ट्वीट संविधान की भावना के खिलाफ, MP पुलिस भेजेगी नोटिस

जबलपुर के एसपी ने बताया कि पंडित अमित शुक्ला को नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही, उससे बॉन्ड भी साइन कराया जाएगा। इसके अलावा पुलिस अगले 6 महीने तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखेगी। अगर वह ऐसी हरकत दोहराता है तो उसे हिरासत में भी लिया जाएगा।

Zomato वालो, हलाल के समय ‘Food has no Religion’ कहाँ गया?

Zomato के तथाकथित मूल्य कितने खोखले हैं, इसकी नज़ीर यह है कि जब एक 'शांतिप्रिय' ने गैर-हलाल खाने के लिए शिकायत की, तो Zomato उसके चरणों में गिर गया। उस समय उसके 'मूल्य' हवा हो गए।

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