श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?
मोनिका ने दावा किया है कि उनके पति तहसीन पूनावाला को शो में काफ़ी प्यार और समर्थन मिला। वह काफी पॉपुलर थे। लेकिन अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों की वजह से तहसीन अब लौट आए हैं।
लेख में कहा गया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दूरगामी असर होगा। समय के साथ यह देखने को मिलेगा। लेखक ने 'उम्मीद' जताई है कि भारत के लिए यह उतना घातक नहीं हो, जिस तरह वह फैसला पाकिस्तान के लिए साबित हुआ।
कविता कृष्णन ने आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने लिखा कि ध्रुव राठी कभी अपनी आलोचना को स्वीकार नहीं करता है। बकौल कविता कृष्णन, स्वस्थ आलोचना को नज़रअंदाज़ करने वाला ध्रुव कभी इस बात को नहीं समझता कि उसे काफ़ी कुछ सीखने की ज़रूरत है।
जैश-ए-मोहम्मद ने हमले से संबंधित जानकारी और सूचनाओं के लिए 'डार्क वेब' की तकनीक का सहारा लिया, जिसमें सारी बातें इनक्रिपटेड थीं। कोडवर्ड के सहारे चल रही इस बातचीत को डिकोड कर सुरक्षा एजेंसियों ने...
“कैफू भैया इंडिया में सिर्फ कुछ तबक़ों ने माहौल बिगाड़ दिया है वरना इंडिया जैसे हिंदू बहुसंख्यक देश में कैफ और जहीर खान जैसे क्रिकेटर हीरो के श्रेणी में आते हैं और शाहरुख, सलमान और आमिर खान सुपरस्टार हैं। ये एक पूरे हिंदुस्तानी का प्यार है। बाकी आपका मैसेज बहुत ही अच्छा है।”
Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।
हास्यास्पद यह है कि जितनी भीड़ वामपंथियों ने विरोध के लिए जुटाई थी और जितनी ऊँची आवाज में वो विरोध कर रहे थे, उससे कहीं अधिक जय श्री राम के नारे की गूँज सुनाई दे रही थी। वीडियो में वामपंथी विरोध की दम तोड़ती आवाज को सुनिए और मजे लीजिए।
राम मंदिर के हक में फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ जोन में मुस्लिम बहुल इलाकों में शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में आईपीसी की धारा 151 के तहत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
योगेश्वरन पिछले 9 साल से अयोध्या मामले पर काम कर रहे थे। इस मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें अदालत के सभी अन्य कामों को छोड़ना पड़ा। वकील आकृति चौबे को तो ब्वॉयफ्रेंड के साथ सगाई करनी थी, लेकिन...