बैठक में आशंका जताई कि कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व माहौल खराब करने की साजिश रच सकते हैं। ऐसी ताकतों को रोकने के लिए धर्मगुरुओं से सहयोग की डोभाल ने अपील की।
बाबरी मस्जिद का टूटना भले ही भारतीय कानून की दृष्टि में एक आपराधिक घटना है, लेकिन हिन्दुओं के इतिहास के हिसाब से यह उस आस्था के साथ न्याय है जिसके मंदिर की दीवार पर मस्जिद खड़ी की गई थी।
सुजाता ने 'नेशनल हेराल्ड' में लिखा कि आडवाणी के साथ जब भी कुछ बुरा होता है तो उन्हें ख़ूब ख़ुशी होती है। साथ ही वो नरेंद्र मोदी पर आडवाणी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाना भी नहीं भूलीं।
इस विशाल मंदिर को विशिष्ट बनाने के लिए स्टील का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। रामलला की मूर्ति भूतल पर ही रखी जाएगी। छत पर एक "शिखर" होगा, जो विशाल राम मंदिर की भव्यता को प्रदर्शित करेगा।
"हमें मस्जिद की ज़रूरत नहीं, नमाज तो हम कहीं भी पढ़ लेंगे..ट्रेन में, प्लेन में ज़मीन पर, कहीं भी पढ़ लेंगे। लेकिन हमें बेहतर स्कूल की ज़रूरत है। तालीम अच्छी मिलेगी 22 करोड़ मुस्लिमों को, तो इस देश की बहुत सी कमियाँ ख़त्म हो जाएँगी।"
संजुक्ता ने लिखा है कि आज भारतीय मुस्लिम राजनीतिक तौर पर अनाथ हो गए हैं। एक भी ऐसा नेता नहीं है, जिसने अयोध्या फ़ैसले पर अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात की हो।
श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?
मोनिका ने दावा किया है कि उनके पति तहसीन पूनावाला को शो में काफ़ी प्यार और समर्थन मिला। वह काफी पॉपुलर थे। लेकिन अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों की वजह से तहसीन अब लौट आए हैं।
लेख में कहा गया है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दूरगामी असर होगा। समय के साथ यह देखने को मिलेगा। लेखक ने 'उम्मीद' जताई है कि भारत के लिए यह उतना घातक नहीं हो, जिस तरह वह फैसला पाकिस्तान के लिए साबित हुआ।
कविता कृष्णन ने आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने लिखा कि ध्रुव राठी कभी अपनी आलोचना को स्वीकार नहीं करता है। बकौल कविता कृष्णन, स्वस्थ आलोचना को नज़रअंदाज़ करने वाला ध्रुव कभी इस बात को नहीं समझता कि उसे काफ़ी कुछ सीखने की ज़रूरत है।