कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता इस फॉर्म को बाँटते वक्त लोगों को बकायदा ये भी बता रहे हैं कि किस सूची में कौन सी जानकारी भरनी है। इस फॉर्म में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों से महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे नाम, पिता का नाम, बैंक का नाम, बैंक खाता और आधार नंबर आदि भरवाया जा रहा है और इसके महत्त्व को बढ़ाने के लिए इस पर अँगूठे का निशान भी लिया जा रहा है।
राफेल डील के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी नियमों को अनदेखा कर अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही इसकी जाँच की माँग कर रही है।
वीडियो में ये ग्रामीण बता रहे हैं कि साल 2014 के बाद राहुल ने दोबारा गाँव को मुड़के नहीं देखा। ग्रामीण की शिकायत है कि राहुल गाँधी उनके गाँव में कोई विकास कार्य नहीं किया है।
राहुल गाँधी की ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है। गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनसे अपनी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
आयोग ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। यदि राहुल गाँधी इस समय सीमा में जवाब नहीं देते हैं तो आयोग मामले पर अपनी तरफ़ से कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
राहुल गाँधी देश भर में घूम-घूम कर रक्षा मंत्रालय-प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा राफेल घोटाले का आरोप लगा रहे हैं, और उन्हें जलती फाइलें शास्त्री भवन में दिख रहीं हैं।
2015 में इसी प्रकार का एक पीआईएल दाखिल किया गया था जिसमें काग़ज़ातों के साथ राहुल गाँधी की नागरिकता पर सवाल खड़े किए गए थे। इस पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था। अदालत ने इस याचिका को औचित्यहीन और तुच्छ करार दिया था।
ऐसे आदमी के शर्ट में एक छेद हो, तो उँगली डाल कर पूरा फाड़ कर देख ही लेना चाहिए कि भाई तुम्हारे 2009, 2014 और 2019 के चुनावी हलफ़नामे में इतने बदलाव क्यों हैं? आखिर बैकऑप्स नामक कम्पनी का डायरेक्टर प्रियंका को चुनावों के तुरंत पहले क्यों बना दिया गया था?