गाँव के लोग मोहम्मद सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बजाए पंचायत ले गए। पंचायत का फैसला आश्चर्यजनक रहा। फैसले के अनुसार, सरफराज को टकला करके जूते-चप्पल की माला पहनाकर गाँव में घुमाया गया और फिर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता केस करना चाह रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया।
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि लड़की के भाई ने अपनी बहन के हाथ-पैर बाँधकर कई बार उसके साथ रेप किया था। मालूम हुआ कि दिसंबर से लेकर अब तक दोनों भाई-बहन घर में अकेले रहते थे, इसी दौरान उसके भाई ने दुष्कर्म को अंजाम दिया।
पादरी ने खुद को रेप मामले में बचाने की इस कदर 'कोशिश' की थी कि पीड़ित नाबालिग छात्रा के पिता ने ही खुद रेपिस्ट होने की बात पुलिस के सामने कबूल कर ली थी। हालाँकि बाद में वो सुनवाई के दौरान टूट गए, जिसके बाद इस पादरी का डीएनए टेस्ट करवाया गया, जो पीड़िता के बच्चे से मैच कर गया।
पीड़िता शाम को जब ऑफिस का काम खत्म करने के बाद निकलने वाली थीं, तभी शराब के नशे में धुत्त प्रधान लिपिक महमूद आलम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। CCTV से पता चला कि वह पूरे दिन 4 बार पीड़िता के कमरे में गया था, और शाम को तो...
अकबर खान ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसे पहचानने की वजह से कहीं बच्ची परिजनों को बता न दे। इसलिए अकबर ने मारने की नियत से बच्ची के सिर पर पत्थर मारा। इससे वह बेहोश हो गई। बच्ची को मरा समझकर अकबर ने खंडहर में पड़े पत्थर, ईंट और बजरी से बच्ची का शरीर दबा दिया।
घटना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ गृह क्षेत्र की है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने इसे निर्भया से भी भयावह घटना बताते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर पुलिस ने शव ले जाने को कहा।
आरोपित ने अपनी रूममेट एवं अपने कंपनी में काम करने वाली लड़की को कमरे में अकेला देखकर उसके साथ रेप करने की पहले कोशिश की। लेकिन, जब लड़की ने ऐसा करने से मना किया तो आरोपित ने उसके मुँह में कपड़ा ठूँस दिया, जिसके बाद वो बेहोश हो गई।
वाहिद ShareChat के माध्यम से हाई स्कूल की लड़कियों का फँसाता था। वह अलग-अलग नामों से तीन फोन का इस्तेमाल करता था और एक समय में 4 लड़कियों के साथ चैट कर रहा था। कुल मिलाकर अभी तक उसने 46 लड़कियों के साथ बातचीत की थी।