कमलनाथ की योजना इस मेगा इवेंट के जरिए राज्य की ब्रांडिंग करनी थी। उस समय भी शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन एमपी सरकार को सलाह दी थी कि इस आयोजन पर इतना पैसा खर्च करने की जगह इसका इस्तेमाल किसानों की कर्ज माफ़ी तथा बाढ़ राहत में किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमण को छुपाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले शिवराज सिंह ने तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि निजामुद्दीन के मरकज में शामिल होकर सूबे में जो लोग पहुँचे हैं वे 24 घंटे के अंदर स्टेट अथॉरिटी के समक्ष रिपोर्ट करें नहीं तो ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर प्रशासन ने वहाँ अर्धसैनिक बल की तैनाती करने का निर्णय लिया है। पथराव और हमला करने वालों के वीडियो वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए थे। चश्मदीदों से भी वीडियो में नज़र आने वालों की शिनाख्त करवाई जा रही है।
इस प्रस्ताव का सदन में मौजूद सभी 107 बीजेपी विधायकों के अलावा 2 निर्दलीय, बीएसपी और एक एसपी के विधायक ने समर्थन किया। बहुमत प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन में आसंदी पर मौजूद सभापति जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी करवाई। इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुआ है। शिवराज सिंह ने अकेले ही शपथ ली और उनके साथ आज कोई मंत्री शामिल नहीं हुआ।
शिवराज सिंह के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार सीएम रहे हैं। मगर, इस बार शिवराज के साथ-साथ नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा के नाम की भी चर्चा थी। लेकिन अब, भाजपा आलाकमान ने शिवराज के नाम ही मुहर लगा दी है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन हो चुका है। कॉन्ग्रेस के 22 और बीजेपी के एक विधायक के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद 205 विधायक बचे हैं। यानी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 103 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी के पास 106 विधायक हैं।
मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज बृहस्पतिवर को तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कल यानी शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथ उठाकर बहुमत परिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।