Sunday, September 19, 2021
Homeराजनीतिकमलनाथ ने 90 देशों में IIFA टेलिकास्ट के लिए रखे थे ₹700 करोड़, अब...

कमलनाथ ने 90 देशों में IIFA टेलिकास्ट के लिए रखे थे ₹700 करोड़, अब कोरोना से लड़ने पर खर्च होंगे

मध्य प्रदेश में कोरोना मामलों में आई अचानक तेजी के कारण राज्य के मुख्यमंत्री ने बुधवार को तीन बड़े शहरों भोपाल, इंदौर और उज्जैन को पूरी तरह से सील करने का फैसला किया था। साथ ही संक्रमण के खतरे को देखते हुए 14 जिलों को पूरी तरह लॉकडाउन करने का भी निर्णय लिया गया है।

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने भोपाल और इंदौर में इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकादमी यानी ‘आइफा’ सेरेमनी आयोजित करवाने के लिए कमलनाथ सरकार द्वारा आवंटित 700 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। ‘आइफा’ का आयोजन मार्च 2020 में में किया जाना था। 700 करोड़ रुपए खर्च कर 90 देशों में इसका टेलिकास्ट करने का प्लान था।

कमलनाथ की योजना इस मेगा इवेंट के जरिए राज्य की ब्रांडिंग करनी थी। उस समय भी शिवराज सिंह चौहान ने तत्कालीन एमपी सरकार को सलाह दी थी कि इस आयोजन पर इतना पैसा खर्च करने की जगह इसका इस्तेमाल किसानों की कर्ज माफ़ी तथा बाढ़ राहत में किया जाना चाहिए।

शिवराज सिंह चौहान ने ‘आइफा’ के कैंसिल होने के मौके पर कहा था कि ‘आइफा’ प्रदेश में बड़े स्तर पर प्लान किया गया था। लेकिन वर्तमान समय में यह पैसा COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में उपयोग करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 259 संक्रमण के मामले सामने आए है। इनमें 16 की मौत हो चुकी है। अब तक रिकवरी शून्य है।

मध्य प्रदेश में कोरोना मामलों में आई अचानक तेजी के कारण राज्य के मुख्यमंत्री ने बुधवार को तीन बड़े शहरों भोपाल, इंदौर और उज्जैन को पूरी तरह से सील करने का फैसला किया था। साथ ही संक्रमण के खतरे को देखते हुए 14 जिलों को पूरी तरह लॉकडाउन करने का भी निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार ने आवश्यक सेवाएँ प्रबंधन अधिनियम (एस्मा) को भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इससे COVID-19 के खिलाफ जारी लड़ाई के दौरान राज्य में जरूरी सेवाओं की आपूर्ति में बाधा नहीं आएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, “जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई दिक्क्त न आने पाए। कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में न दाख़िल हो सकेगा न इनसे निकल पाएगा। प्रत्येक विभाग के संसाधनों और सेवाओं का कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री का यह निर्णय राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की स्थिति की समीक्षा के बाद आया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिब्बल की राह पर थरूर, कॉन्ग्रेसी आलाकमान पर साधा निशाना, कहा – ‘पार्टी को तुरंत नए नेतृत्व की जरूरत’

"सोनिया गाँधी के खिलाफ किसी ने एक शब्द नहीं कहा, लेकिन वह खुद से ही पद छोड़ना चाहती हैं। नए नेतृत्व को जल्द से जल्द पद सँभाल लेना चाहिए।"

पंजाब के बाद राजस्थान में फँसी कॉन्ग्रेस: सचिन पायलट दिल्ली में, CM अशोक गहलोत के OSD का इस्तीफा

इस्तीफे की वजह लोकेश शर्मा द्वारा किया गया एक ट्वीट बताया जा रहा है जिसके बाद कयासों का नया दौर शुरू हो गया था और उनके ट्वीट को पंजाब के घटनाक्रम के साथ भी जोड़कर देखा जाने लगा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,150FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe