भाजपा की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन और पार्टी कार्यकर्ताओं पर तिरुवनंतपुरम में एक चुनावी रैली के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने शारीरिक हमला किया।
मोहम्मद अनूप कहता है कि वह 2013 से बेंगलुरु में ड्रग सौदों में शामिल है। वह विदेशी नागरिकों से MDMA की गोलियाँ लेता था और उसे शहर की रेव पार्टी में कॉलेज के छात्रों को इसकी आपूर्ति कराता था।
2018 में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कोष बनाया गया। लेकिन, इसका पैसा एक स्थानीय वामपंथी नेता के खाते में भेज दिया गया। उसने इसका इस्तेमाल एक पॉल्ट्री फॉर्म खरीदने के लिए। भेद खुला तो फरार हो गया।
वामपंथी अब सिर्फ़ JNU तक ही सीमित रह गए हैं। दिल्ली में उन्हें कोई पूछने वाला भी नहीं बचा। पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में उनका आधार खिसक चुका है। एक केरल में वो किसी तरह टिके हुए हैं।