भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद अपने ट्विटर हैंडल से ये जानकारी दी है कि नेताओं के बयानों को अनुशासन समिति के पास भेजा गया और उन्हें दस दिन दिनों के भीतर जवाब देना है। इस मामले में उन्होंने शुक्रवार (मई 17, 2019) को तीन ट्वीट किए।
घर के अंदर स्थानीय भाजपा नेता प्रदीप बनर्जी सहित कुछ लोग थे, जिन्होंने कहा कि वे पार्टी की बैठक शुरू करने वाले थे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बैठक में आरएसएस नेता और बंगाल के भाजपा के सह-प्रभारी अरविंद मेनन ने भी भाग लिया।
"पुलिस, प्रशासन, जिला अधिकारी रत्नाकर राव, तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के दलाल बन चुके हैं। राज्य चुनाव आयोग पक्षपात कर रही है और टीएमसी की दलाली कर रही है। पश्चिम बंगाल में गणतन्त्र नहीं, दीदी का गुण्डातन्त्र चलता है! विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ममता बनर्जी के बंगाल में जनसभा करने की इजाज़त नहीं है!"
"जब आपने हिन्दू आतंकवाद शब्द सुना तो आपको गहरी चोट पहुँची थी कि नहीं? हज़ारों साल के इतिहास में हिन्दू कभी आतंकवाद करे, ऐसी एक भी घटना नहीं है। अंग्रेजों ने भी कभी हिन्दुओं के हिंसक होने का जिक्र नहीं किया। कॉन्ग्रेस ने ये पाप किया।"
नामांकन दाखिल करने से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा, “मैंने अहमदाबाद के नारनपुरा में संघवी हाई स्कूल में एक बूथ कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और वहाँ से मैं पार्टी का अध्यक्ष बना।
शाह ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है, जिसमें उन्हें पता होता है कि विपक्षी नेता किस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने वाले हैं। उनकी पार्टी तैयार रहती है। वे 'सबूत-सबूत' चिल्लाते रहते हैं, शाह संगठन मज़बूत करने में लगे रहते हैं और एजेंडा सेट करते हैं।
ओडिसा के तटीय इलाक़ों में प्रभाव रखने वाले पांडा की उपस्थिति से भाजपा को आगामी चुनावों में काफ़ी उम्मीद है। उन्होंने ओडिसा के मुख्यमंत्री पटनायक को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य में शासन व्यवस्था का स्तर काफ़ी तेजी से नीचे गिर रहा है।
हमने आतंकवाद को कठोरता से डील किया है। आजादी के बाद से किसी भी सरकार से ज्यादा अच्छा और कठोर रहा है हमारा रुख आतंकवाद के लिए, सबसे ज्यादा आतंकवादी हमारे समय में मारे गए हैं।