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Arvind Kejriwal

अंध-क्षेत्रीयता: 85% आरक्षण माँग कर दिल्ली को कश्मीर बनाना चाह रहे हैं केजरीवाल

ख़ुद केजरीवाल का जन्म हरियाणा स्थित भिवानी में हुआ। पढ़ाई के लिए वो पश्चिम बंगाल गए। नौकरी उन्होंने झारखण्ड के जमशेदपुर में की। समाज सेवा उन्होंने कोलकाता में की। राजनीति वो दिल्ली में कर रहे हैं। हाँ, इलाज कराने वो बंगलुरु जाते हैं। इसके लिए उन्हें किसी आरक्षण की ज़रूरत पड़ी क्या?

अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ चुनाव मैं लड़ूँगा – Bigg Boss के विवादित कंटेस्टेंट ने किया ऐलान

गुस्साए स्वामी ओम ने अब चुनाव में अरविंद केजरीवाल की नीतियों के ख़िलाफ़ ताल ठोंकने का मन बना लिया है। स्वामी ओम कहते हैं कि बीते शनिवार को तमाम हिंदू संगठनों की बैठक के बाद उनका नाम चुनाव लड़ने के लिए प्रस्तावित किया गया।

धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए केजरीवाल के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज

स्वस्तिक के अपमान किए जाने संबंधी ट्वीट की बीजेपी ने कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपने इस अभद्र कृत्य से धार्मिक आस्था को तो चोट पहुँचाया ही है साथ ही आचार संहिता कता उल्लंघन भी किया है।

अरविन्द केजरीवाल! घटिया राजनीति के झाड़ू से मांगलिक चिह्न ‘स्वस्तिक’ का अपमान मत करो

अरविन्द केजरीवाल के कारनामों का ताजा उदाहरण है उनका एक ट्वीट जिसमें एक प्रतीकात्मक चित्र में झाड़ू लिया हुआ व्यक्ति ‘स्वस्तिक’ चिह्न को खदेड़ कर भगा रहा है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इस प्रकार का हिन्दू विरोधी चित्र केजरीवाल की टीम ने खुद बनाया हो।

जनता को भड़काना केजरीवाल को पड़ा महँगा, लोगों ने कहा ‘सदी के सबसे बड़े ठग, मक्कार, फ्रॉड, 420, फर्जीवाल’

केजरीवाल के लिए जरूरी है कि वह अब 5 साल पूरे होने से पहले अपने पद की गरिमा को समझ लें और अगले चुनाव होने तक ऐसे गलीच किस्म की राजनीति से खुद को दूर करें, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल में 'क्या-क्या' किया है, वो जनता अच्छे से जान और समझ चुकी है।

दिल्ली की शिक्षा व्यस्वस्था का सच: विज्ञापनों के चक्कर में छात्रों के भविष्य से खेल रहे हैं केजरीवाल

दिल्ली सरकार से पूछा जाना चाहिए कि अगर शिक्षा व्यवस्था पर ख़र्च किए गए रुपयों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं आ रहा तो फिर ये रुपए जा कहाँ रहे हैं?

ठुकरा के मुझको व्हाट्सप्प से, AAP मेरा इंतकाम देखेगी

अलका ने इनकार के बीच भी ये कहकर सुगबुगाहट छोड़ दी कि यह संभव हो सकता है कि आगामी चुनावों में जो भी नेता देश के पक्ष में फैसला लेगा, वह हमेशा उसका समर्थन करेंगी।

नई राजनीति: आत्ममुग्ध बौने ने पूछा, ‘तुम होते कौन हो, तुम्हारे बाप की दिल्ली है?’

अरविन्द केजरीवाल को जब उनके पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने आत्ममुग्ध बौना कहा था तो किसी ने सोचा नहीं होगा कि केजरीवाल उन्हें सच साबित करने के लिए किस हद तक जाएँगे।

…क़सम ‘गुप्त-कोष’ वाले गुप्ता जी के अजगर की हम 7 में से 8 सीट जीत रहे थे : केजरी पर कुमार ने कसा तंज

इससे पहले भी कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर तंज किया था, “ज़मानत ज़ब्त होने के डर से आत्ममुग्ध बौने ने चुनाव घोषणा के दिन ही “अमानत” छोड़ दी?"

अल्का लाम्बा, आपने जिन्हें चौकीदार कहा, उन गोरखाओं का सम्मान उनके दुश्मन भी करते हैं

आम आदमी पार्टी और देश का मानस मथने वाले केजरीवाल को आज खुद गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। पार्टी अस्तित्व बचाने की लड़ाई हारती हुई दिख रही है।

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