Monday, December 6, 2021

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Ayodhya Dispute

अयोध्या मामला: ‘बाबर की जमीन होने के सबूत नहीं तो मुस्लिमों को हिस्सा कैसा’

"यह तो स्पष्ट है कि मस्जिद को मंदिर के ऊपर बनाया गया था। मंदिर के अवशेष उस जगह से मिले हैं। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद बनाई गई। बाबर के जमीन का मालिक होने का सबूत नहीं है। सुन्नी वक्फ बोर्ड का मामले में दावा ही नहीं बनता।"

‘CM योगी के पास अपार शक्ति, उनके कार्यकाल में ही बनेगा राम मंदिर’

राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखते हुए कहा था कि विवादित ढाँचा बाबर ने बनवाई, इसका कोई प्रमाण नहीं है। इसके लिए उन्होंने बाबरनामा, आईने अकबरी, हुमायूँनामा, तुजुक-ए-जहाँगीरी का हवाला दिया था।

अयोध्या मामला: ‘बाबर ने नहीं औरंगजेब ने तोड़ा था राम मंदिर, तीन गुंबद वाली इमारत मस्जिद नहीं’

रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि तीन गुंबद वाली इमारत मस्जिद नहीं थी। मस्जिद में जिस तरह की चीज़ें ज़रूरी होती हैं, वो उसमें नहीं थी। विवादित ढाँचा बनवाने वाला कौन था, इस पर संदेह है।

‘अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं, उनकी संपत्ति को न तो बेचा और न ही छीना जा सकता है’

रामलला के वकील ने अदालत से कहा कि थोड़ी देर के लिए मान भी लिया जाए कि वहाँ कोई मंदिर, कोई देवता नहीं थे, फिर भी लोगों का विश्वास है कि श्रीराम का जन्म वहीं हुआ था। ऐसे में वहाँ पर मूर्ति रखना उस स्थान को पवित्रता प्रदान करता है।

‘मंदिर के खंडहर पर बनी बाबरी मस्जिद अमान्य, शरिया के विपरीत’ – 1608-1611 के इतिहास का उल्लेख

"विदेशी यात्रियों में एक विरोधाभास था क्योंकि कुछ ने कहा कि वो बाबर था जिसने मंदिर को ध्वस्त कर दिया जबकि कुछ का कहना है कि इसे औरंगजेब के कार्यकाल के दौरान नष्ट किया गया। लेकिन उनके बीच अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान होने को लेकर कोई मतभेद नहीं था।"

राम जन्मभूमि: मध्यस्थता से नहीं बनी बात, 6 अगस्त से रोजाना सुनवाई

मई में अदालत ने पैनल को अतिरिक्त समय देते हुए 15 अगस्त तक समाधान सुझाने को कहा था। शीर्ष अदालत ने मध्यस्थता प्रक्रिया को गोपनीय रखने के लिए इसकी रिपोर्टिंग पर रोक लगा दी थी।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सुनवाई पूरी न होने तक रिटायर न हों जज

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह आवश्यक है कि CBI जज एसके यादव इस मामले की सुनवाई पूरी कर फ़ैसला सुनाएँ। कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि हम अनुच्छेद-142 के तहत आदेश जारी करेंगे कि उन्हें 30 सितंबर तक रिटायर न किया जाए।

रामजन्मभूमि: SC ने मध्यस्थता कमेटी का कार्यकाल 15 अगस्त तक बढ़ाया

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, “हमें मध्यस्थता कमिटी की रिपोर्ट मिली है और हमने इसे पढ़ा है। अभी समझौते की प्रक्रिया जारी है। हम रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला की रिपोर्ट पर विचार कर रहे हैं।

बाबरी मस्जिद के याचिकाकर्ता इक़बाल अंसारी ने प्रियंका की ‘अयोध्या यात्रा’ को बताया एक चुनावी स्टंट

इक़बाल अंसारी ने कॉन्ग्रेस द्वारा अपने 60 वर्षों के शासन के दौरान अयोध्या की अनदेखी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि शहर में कॉन्ग्रेस द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया, न तो रोज़गार उत्पन्न हुआ और न ही कोई मिल या कारखाना स्थापित किया गया।

अयोध्या विवाद: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आपात बैठक, क्या इससे नया मोड़ लेगी मध्यस्थता की पहल?

पर्सनल लॉ बोर्ड के सभी 51 सदस्यों के अतिरिक्त सुन्नी सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड के प्रतिनिधियों के भी इस बैठक में शामिल होने की सम्भावना जताई जा रही है।

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