Homeराजनीति'मुस्लिमों के 'मालिकाना हक' से ऊपर है हिन्दुओं का मौलिक अधिकार, नवम्बर में हमारे...

‘मुस्लिमों के ‘मालिकाना हक’ से ऊपर है हिन्दुओं का मौलिक अधिकार, नवम्बर में हमारे पक्ष में फैसला’

“मैं यह लंबे समय से कहता आ रहा हूँ कि हम जीतेंगे। विवादित स्थल पर नमाज अदा करके कोई मेरा मौलिक अधिकार नहीं छीन सकता। जब नवंबर में कोर्ट का फैसला आएगा, तो लोग जश्न मनाना शुरू कर देंगे।”

बीजेपी राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने रविवार (सितंबर 15, 2019) को अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण के समर्थन में कहा कि हिंदुओं के मौलिक अधिकार मुस्लिमों के संपत्ति के अधिकार से ऊपर है। वह अपने 80वें जन्मदिन के मौके पर एक कार्यक्रम में शिरकत करने अयोध्या पहुँचे थे। 

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “भगवान राम के जन्म स्थान पर जो मंदिर है उसे हटाया नहीं जा सकता। हिंदुओं को पूजा करने का मौलिक अधिकार मुस्लिमों के संपत्ति के अधिकार से ऊपर है। जब भी दोनों के बीच कोई विवाद होता है, तो सुप्रीम कोर्ट हमेशा मौलित अधिकारों के पक्ष में फैसला सुनाता है। मुझे विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय नवंबर में हमारे पक्ष में अपना फैसला सुनाएगा।”

स्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद नवंबर में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि विवादित जगह पर राम मंदिर बनाया जाएगा। स्वामी ने आगे कहा, “मैं यह लंबे समय से कहता आ रहा हूँ कि हम जीतेंगे। विवादित स्थल पर नमाज अदा करके कोई मेरा मौलिक अधिकार नहीं छीन सकता। जब नवंबर में कोर्ट का फैसला आएगा, तो लोग जश्न मनाना शुरू कर देंगे।”

बता दें कि, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि के स्वामित्व से संबंधित विवादित मामले में हर दिन सुनवाई कर रही है। इस साल के अंत में फैसला आने की संभावना है। 6 दिसंबर 1992 को इस स्थान पर बनाए गए 16वीं सदी के बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -