बांग्लादेशी घुसपैठियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था। इस ऐप से ये बांग्लादेश में अपने परिवार से गुपचुप बात करते थे।
भारत और बांग्लादेश सीमा पर पूरा एक नेटवर्क काम कर रहा है। यह नेटवर्क लोगों को बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करवाने, उनके फर्जी कागज बनवाने, यहाँ तक कि उन्हें भारत में काम दिलाने का भी जिम्मा लेता है।
46 वर्षीय इस पुलिस मुखबिर ने अपनी पहचान नहीं बताई, लेकिन ये बताया कि जब बांग्लादेशी पत्नी ने उन्हें धोखा दिया, उसी के बाद उन्होंने कसम खाई कि बांग्लादेशियों को देश में रहने नहीं देंगे।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दिल्ली में रहने वाले 96.3% घुसपैठिए मुस्लिम हैं। इनके चलते दिल्ली के उन इलाकों की जनसांख्यिकी भी बदल गई है, जहाँ यह आकर बसे हैं।