ऑपरेशन पुश-बैक के अभियान में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (BGB) भी है। कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए निचले तबके के लोग सीमा पर पहुँच रहे।
अवैध घुसपैठियों के सिंडिकेट से जुड़े लोग भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं।
'ऑपरेशन पुश बैक' के तहत मोदी सरकार लगातार घुसपैठियों को वापस भेज रही है। यही वजह हैं कि इस्लामी कट्टरपंथी तिलमिलाए हुए हैं और प्रोपगेंडा फैलाया जा रहा है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था। इस ऐप से ये बांग्लादेश में अपने परिवार से गुपचुप बात करते थे।