AAP ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा कि केजरीवाल इस इंतज़ार में हैं कि बीजेपी दिल्ली में मुख्यमंत्री के पद पर किसका नाम आगे करेगी। लेकिन सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पर उन वादों के बारे में पूछ डाला, जो पाँच साल पहले सत्ता पर क़ाबिज़ होने से पहले किए गए थे, जिनका अब कुछ अता-पता नहीं है।
गजब की सांगठनिक क्षमता, टारगेट को पूरा करने का मिशनरी अंदाज और मिलनसार व्यक्तित्व की वजह से ही बीजेपी के सामूहिक नेतृत्व द्वारा कई कद्दावर नेताओं को दरकिनार कर जेपी नड्डा को अमित शाह का उत्तराधिकारी चुना गया।
"खान तीन माह से पुलिस के रडार पर था। उसने पहले भी कुछ अधिकारियों को पत्र लिखे थे। इसमें दावा किया था कि उसकी मॉं और भाई के आतंकवादियों से संपर्क हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"
आतंकियों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखी थी। नंबर प्लेट पर कालिख पोत दी थी। मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया। एक के ऊपर एक 3 टी शर्ट पहनी। घटना को अंजाम देते वक्त जो शर्ट पहनी थी उसे बीच रास्ते पेट्रोल डाल जला दिया। हथियार झील में फेंक दिए। बावजूद उन तक पुलिस पहुॅंच ही गई।
"दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही सरकारी जमीनों पर बने धार्मिक स्थलों को सरकारी जमीन से खाली कराया जाएगा। दिल्ली में 54 से ज़्यादा मस्जिद, मदरसे सरकारी जमीन पर बने होने की सूचना है। सूची उपराज्यपाल को भेजकर..."
दिल्ली का असली मालिक जनता को बताते हुए रैप सॉन्ग में 'AAP' पर कॉन्ग्रेस से गठबंधन करने को लेकर भी निशाना साधा गया है। बीजेपी ने इस रैप सॉन्ग का विडियो ट्वीट करते हुए लिखा है- "यह रैप सॉन्ग केजरीवाल के खराब गवर्नेंस को एक्सपोज करता है।"
"कोलकाता की सड़कों पर बुद्धिजीवियों नामक कुछ जीव बाहर आ गए हैं। ये चाटूकार बुद्धिजीवी, जो दूसरे की जेब पर निर्भर करते हैं और उनके पैसों का लाभ उठाते हैं, जब बांग्लादेश में उनके पूर्ववर्तियों को यातनाएँ दी गई थीं, तब वे कहाँ थे?"
"हम तुम्हें असली तस्वीर दिखाएँगे। इंशाल्लाह। हिंदुस्तान के झंडे तिरंगे में मौजूद तीन अलग-अलग रंग हैं। जो देश में अलग-अलग धर्मों (हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई) को दर्शाता है। उसमें से ये लोग मुस्लिम को निकालने के चक्कर में हैं। लेकिन, जरा अमित शाह, मोदी, योगी नीचे झाँक कर देखें....."
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने 70 विधानसभा सीटों में से 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 57 उम्मीदवारों में 11 उम्मीदवार अनुसूचित जाति और चार महिलाएँ शामिल हैं।
"ये बिल्कुल ग़लत है कि उन्होंने समय पर अपना काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, ढाई साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले को, 18 महीने हो गए रिव्यू पेटिशन ख़ारिज हुए, जो काम जेल प्रशासन को और दिल्ली सरकार को करना चाहिए था, वो हमने किया।"