कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और मल्लिकार्जुन खड़गे एक कार में बैठकर एनसीपी चीफ शरद पवार के घर जाते हैं मीटिंग के लिए। यह कार किसी कॉन्ग्रेसी की नहीं बल्कि एक BJP नेता की होती है। अब सवाल लाजिमी है कि कॉन्ग्रेस नेताओं एक भाजपा नेता ने अपनी कार क्यों दी?
अमित शाह ने कहा कि जनादेश देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए था, जिसका शिवसेना ने अपमान किया है। उन्होंने कहा कि अंत में स्थिर सरकार को ही जनता वापस लेकर आती है और महाराष्ट्र में भी ऐसा ही होगा।
फडणवीस के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने निराशा जताई। उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने इन पंक्तियों के माध्यम से अपने दिल की बात रखी है, "पलट के आऊँगी शाखों पे खुशबुएँ लेकर, खिज़ाँ की ज़द में हूँ मौसम ज़रा बदलने दे!"
फडणवीस ने कहा कि जनता ने गठबंधन को बहुमत दिया लेकिन शिवसेना ऐसी बात पर अड़ी रही, जिसकी कोई बात ही नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना ने भाजपा के बजाय एनसीपी से बात शुरू कर दी और...
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सदन में बहुमत साबित करना होगा। उससे पहले सदन के सबसे वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाएगा। शाम 5 बजे तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी।
प्रिया चौहान ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य में भाजपा-शिवसेना को जनता ने जनादेश दिया है। इसलिए उन्हें ही मिलकर सरकार बनानी चाहिए।
“अजित पवार के रूप में उन्होंने एक भैंसे को अपने बाड़े में लाकर बाँध दिया है और भैंसे से दूध दुहने के लिए ‘ऑपरेशन कमल’ योजना बनाई है। यही लोग सत्ता ही उद्देश्य नहीं है, ऐसा प्रवचन झाड़ते हुए नैतिकता बघार रहे थे।"
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया। वहीं, शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि गवर्नर को 162 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा गया है। संजय राउत 175 का दावा करते रहे हैं।
वह सरकार कितनी अनैतिक थी इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जो डिप्टी सीएम बना था, उसने सीएम की पार्टी से बगावत कर ही चुनाव जीता था। वे सीएम के बेटे को ही हराकर विधानसभा पहुॅंचे थे।
करीमपुर से भाजपा प्रत्याशी मजूमदार को सूचना मिली थी कि एक बूथ पर लोगों को वोट डालने नहीं दिया जा रहा। जब वे बूथ पर पहुॅंचे तो तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया।