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वानखेड़े स्टेडियम में होगा महाराष्ट्र की सत्ता का फाइनल मैच: आज रात BJP का शक्ति प्रदर्शन

मंगलवार की रात एनसीपी, कॉन्ग्रेस और शिवसेना का शक्ति प्रदर्शन हुआ था, जहाँ तीनों दलों के विधायकों को सोनिया गाँधी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार के नाम पर पार्टी के प्रति निष्ठावान बने रहने की शपथ दिलाई गई।

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी भी अपनी ताक़त दिखाएगी। राज्य में हालिया विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी भाजपा ने अपने सभी विधायकों को मंगलवार (नवंबर 26, 2019) रात 9 बजे बुलाया है। महाराष्ट्र का सियासी संग्राम अब होटलों और रिसॉर्ट्स से निकल कर क्रिकेट के मैदान तक पहुँच गया है क्योंकि भाजपा ने अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए वानखेड़े स्टेडियम को चुना है। यही वो मैदान है, जहाँ 2011 में भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरी बार विश्वकप जीत कर सचिन तेंदुलकर को अपने कंधे पर उठा कर घुमाया था। बुधवार को फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा अपना आखिरी शक्ति प्रदर्शन यही करेगी।

भाजपा विधायकों के साथ-साथ पार्टी का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायक भी वानखेड़े स्टेडियम बुलाया गया है। ये बैठक स्टेडियम के गरवारे क्लब में होगी। यानी महाराष्ट्र की सत्ता का फाइनल भी वहीं खेले जाने की तैयारी चल रही है, जहाँ भारत ने क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल खेल कर जीता था। भाजपा के अंदर भी बैठकों का दौर जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद भूपेंद्र यादव समेत कई बड़े नेताओं ने कोर कमिटी की बैठक में हिस्सा लिया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सदन में बहुमत साबित करना होगा। उससे पहले सदन के सबसे वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाएगा। शाम 5 बजे तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने पूरी प्रकिया की वीडियोग्राफी का भी आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद संसद भवन में भी हलचल देखने को मिली। वहाँ गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री के चैंबर में नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की।

मंगलवार की रात एनसीपी, कॉन्ग्रेस और शिवसेना का शक्ति प्रदर्शन हुआ था, जहाँ तीनों दलों के विधायकों को सोनिया गाँधी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार के नाम पर पार्टी के प्रति निष्ठावान बने रहने की शपथ दिलाई गई। तीनों विपक्षी दलों ने दावा किया कि वहाँ पर उनके 162 विधायक उपस्थित हैं। हालाँकि, भाजपा ने दावा किया कि तीनों दल मिल कर मात्र 125 विधायक ही गिना पाए और वहाँ उपस्थित बाकि लोग विधान पार्षद, सांसद और अन्य नेतागण थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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