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80 घंटों में ही किसानों को ₹5380 करोड़ दे गए फडणवीस, वर्ल्ड बैंक से राज्य को दिलाए ₹3500 करोड़

वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधियों से बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए किए जाने वाले उचित प्रबंधन पर चर्चा की। वर्ल्ड बैंक इस प्रोजेक्ट पर 3500 करोड़ रुपए ख़र्च करेगा। 10,000 गाँवों के 20 लाख किसानों को कॉर्पोरेट से जोड़ा जाएगा।

देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल लगभग 80 घंटों का ही रहा, लेकिन इतने कम समय में ही वो किसानों को काफ़ी कुछ देकर गए। फडणवीस ने दिल्ली जाकर गृहमंत्री अमित शाह से किसानों की समस्याओं पर बात की। उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने रखा। राष्ट्रपति शासन लगने और राजनीतिक अस्थिरता होने के कारण मौसम से परेशान किसानों की हालत बेहाल थी। ऐसे में, शनिवार (नवंबर 23, 2019) को सुबह शपथ लेते ही फडणवीस ने किसानों के मुद्दे को प्राथमिकता दी और काम पर लग गए।

महाराष्ट्र के किसान बेमौसम बरसात से बेहाल थे। फडणवीस ने तुरंत 5380 करोड़ रुपए का कंटिंजेंसी फंड जारी कर उनकी परेशानी को कम करने की दिशा में प्रयास किया। किसानों को वित्तीय मदद मुहैया कराई गई। उससे पहले फडणवीस और उनके डिप्टी रहे अजित पवार ने बैठक कर के किसानों की समस्याओं पर बातचीत की। उन्होंने किसानों की तत्काल मदद के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार-विमर्श किया। अगले ही दिन उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और वित्तीय सचिव से मुलाक़ात कर इस बारे में और अधिक चर्चा की।

अपने दूसरे कार्यकाल में फडणवीस ने पहला हस्ताक्षर सीएम रिलीफ फण्ड के एक चेक पर किया। ये चेक कुसुम वेंगुर्लेकर नामक महिला को दिया गया। इस दौरान उन्होंने ‘वर्ल्ड बैंक’ के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की। इस बैठक में बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए किए जाने वाले उचित प्रबंधन पर चर्चा की गई। वर्ल्ड बैंक इस प्रोजेक्ट पर 3500 करोड़ रुपए ख़र्च करेगा। इसके अलावा इस बैठक में 10,000 गाँवों के 20 लाख किसानों को सीधा बाजार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। ‘स्मार्ट विलेज’ प्रोजेक्ट के माध्यम से किसान सीधा कॉर्पोरेट से जुड़ जाएँगे।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे को लेकर निराशा जताई। उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने इन पंक्तियों के माध्यम से अपने दिल की बात रखी:

पलट के आऊँगी शाखों पे खुशबुएँ लेकर,
खिज़ाँ की ज़द में हूँ मौसम ज़रा बदलने दे!

मात्र साढ़े तीन दिन तक मुख्यमंत्री रहने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उप-मुख्यमंत्री अजित पवार उससे पहले ही इस्तीफा दे चुके थे। हालाँकि, नए मुख्यमंत्री के पद संभालने तक फडणवीस केयरटेकर सीएम बने रहेंगे। उद्धव ठाकरे को शिवसेना, एनसीपी और कॉन्ग्रेस के विधायकों ने अपना नेता चुन लिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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