“ये महागठबंधन एक अनोखा बंधन है। ये बंधन नामदारों का बंधन है। ये बंधन भाई-भतीजावाद का बंधन है। ये बंधन भ्रष्टाचार और घोटालों का बंधन है। ये बंधन नकारत्मकता का बंधन है।"
बेंगलुरू के एक होटल में कॉन्ग्रेसी विधायक आनंद सिंह और जेएन गणेश ठहरे हुए थे। यहीं झड़प हुई। किसी बात को लेकर दोनों में आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि जेएन गणेश ने आनंद सिंह के सिर पर बोतल से वार कर दिया
मध्य प्रदेश में इससे पहले भी हत्या की ऐसी ही घटना हो चुकी है। कुछ दिनों पहले बीजेपी नेता प्रहलाद बंधवार की भी अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी
कोलकाता की 'ममता'मयी महफ़िल। बड़े-बड़े धुरंधर। जमावड़ा था एक गिरोह का, 'चौकीदार' को हटाना ही जिनका परम लक्ष्य। केजरीजी को आया जोश और महफ़िल को लूटने की जल्दी में...
बहुमत के साथ बीजेपी सरकार जब भी चुनाव जीतती है तब ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा गर्माने लगता है, लेकिन जब चुनावों में कोई अन्य सरकार जीतती है तो ईवीएम पर बात तक नहीं की जाती
पिछले लोकसभा चुनावों का परिणाम याद दिलाते हुए बता दें कि 2014 में लोकसभा चुनाव में झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से बीजेपी को 12 सीटों पर जीत हासिल हुई थी
ट्विटर पर भाजपा की ओर से 5 साल में मोदी सरकार के दौरान देश में हुए बदलावों पर तथ्यों को साझा किया गया, जिनमें बताया जा रहा है कि UPA सरकार के दौरान यानि, 5 साल पहले क्या हालात थे और अब क्या हैं।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें मंत्री और संसद बनाया, अब उसी पार्टी के वे शत्रु हो गए हैं। कार्यक्रम के दौरान मोदी ने यह भी कहा कि उन जैसे लोगों को पार्टी छोड़ देनी चाहिए।