Sunday, September 26, 2021
Homeबड़ी ख़बरपश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद नरेंद्र मोदी

इंडिया टुडे द्वारा कराए गए इस सर्वे की रिपोर्ट ममता बनर्जी के लिए एक तरह से जोरदार झटका है। इस सर्वे के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल बंगाल में मोदी की लोकप्रियता के ग्राफ में इज़ाफ़ा हुआ है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी को केंद्र में सरकार बनाने से रोकने के लिए भले ही प्रयास कर रही हो, लेकिन इसी बीच पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज सर्वे द्वारा जारी रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी को बंगाल का सबसे लोकप्रिय नेता बताया गया है।

इंडिया टुडे द्वारा कराए गए इस सर्वे की रिपोर्ट ममता बनर्जी के लिए एक तरह से जोरदार झटका है। इस सर्वे के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल बंगाल में मोदी की लोकप्रियता के ग्राफ में इज़ाफ़ा हुआ है।

पीएसई सर्वे के मुताबिक पिछले साल बंगाल के 51% लोगों ने मोदी सरकार के कामकाज से संतुष्टी ज़ाहिर की थी, लेकिन इस साल आँकड़े में और अधिक वृद्धि देखने को मिली है। इस साल यह आँकड़ा बढ़कर 55% पहुँच गया है।

यही नहीं भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे नागरिक संहिता अधिनियम पर पूछे गए सवाल के जवाब में 48% लोगों ने माना कि असम की तर्ज़ पर पश्चिम बंगाल में भी नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) होना चाहिए।

इस सर्वे में लोगों ने ममता बनर्जी को राहुल गाँधी की तुलना में ज्यादा बेहतर प्रधानमंत्री उम्मीदवार बताया गया है, जबकि मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद हैं। यही नहीं, इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले 30% लोगों ने लोकसभा चुनाव में रोजगार को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना है, जबकि 26% लोगों की राय में पीने का पानी एक बड़ा मुद्दा है।

इस रिपोर्ट में उभर कर सामने आने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले 46% लोगों ने बीजेपी की रथ यात्रा पर रोक के फ़ैसले को गलत माना है। यह रिपोर्ट उस समय आई है जब ममता बनर्जी केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से रोकने के लिए लगातार विपक्षी नेताओं को एकजुट कर रही है।

अभी हाल में ममता ने विपक्षी नेताओं की एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। इस रैली के ज़रिए ममता ने खुद को प्रधानमंत्री के तौर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया, लेकिन राहुल समेत कई विपक्षी नेताओं की कार्यक्रम से दूरी होने की वजह से ममता के सपने को सकार होने की कम संभावना है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर में ‘सेकेंड हैंड जवानी’ पर डांस, वायरल किया वीडियो: इंस्टाग्राम मॉडल की हरकत से खफा हुए महंत, हिन्दू संगठन भी विरोध में

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित एक मंदिर में आरती साहू नाम की एक इंस्टाग्राम मॉडल ने 'सेकेंड हैंड जवानी' पर डांस करते हुए वीडियो बनाया, जिससे हिन्दू संगठन नाराज़ हो गए हैं।

PFI के 6 लोग… ₹28 लाख की वसूली… खाली कराना था 60 परिवार, कहाँ से आए 10000? – असम के दरांग में सिपाझार हिंसा...

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सिपाझार हिंसा के पीछे PFI के होने की बात कही। 6 लोगों ने अतिक्रमणकारियों से 28 लाख रुपए वसूले थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,410FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe