Homeदेश-समाजइंदौर के किसान संजय का कहना है: 'प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना' ने उनकी ज़िन्दगी...

इंदौर के किसान संजय का कहना है: ‘प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना’ ने उनकी ज़िन्दगी बदल दी

संजय कहते हैं कि पिछले 40-50 सालों में योजनाएँ तो बहुत आईं, लेकिन वह सफ़ल नहीं हुईं। लेकिन मोदी सरकार द्वारा लाई गई 'प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना' पिछले तीन सालों में लागू हुई है और हमें उसका लाभ प्राप्त हुआ है।

केंद्र सरकार द्वारा 18 फरवरी 2016 को देश के किसानों की फ़सल को बीमा सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना’ का लाभ आज किसानों को मिल रहा है। इस योजना के ज़रिए न सिर्फ़ वे अपनी आय को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं बल्कि उनके जीवन में अब इसके ज़रिए ज्यादा खु़शहाली आई है।

सरकार की इस योजना से किसानों का आज और भविष्य दोनों सुरक्षित हो रहा है। मध्यप्रदेश के इंदौर में रहने वाले संजय, ‘प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना’ पर कहते हैं कि इससे उनकी जिंदगी में व्यापक बदलाव आया है।

संजय कहते हैं कि पिछले 40-50 सालों में योजनाएँ तो बहुत आईं लेकिन वह सफ़ल नहीं हुईं। लेकिन मोदी सरकार द्वारा लाई गई ‘प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना’ तीन सालों में लागू हुई है और हमें उसका लाभ प्राप्त हुआ है। संजय का मानना है कि इसके जरिए उन्हें आर्थिक सुरक्षा कवच मिला है। उन्होंने कहा कि जब पहले पाले, ओले गिरते थे तो उन्हें उसका नुकसान उठाना पड़ता था लेकिन अब इस योजना के तहत वो अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना क्या है?

आपदाओं में नष्ट होने वाली फ़सलों के बदले किसानों को मुआवज़ा देने के लिए मोदी सरकार ने 2016 में प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना (PMFBY) शुरू किया। इसके तहत किसानों को खरीफ की फ़सल के लिए 2% प्रीमियम और रबी की फ़सल के लिए 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। PMFBY योजना वाणिज्यिक और बागवानी फ़सलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।

‘मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?’: राहुल गाँधी-संदीप दीक्षित की PM मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर घटिया टिप्पणी, कॉन्ग्रेस का महिला-विरोधी चेहरा...

राहुल गाँधी ने PM मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हुए संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसके बाद दीक्षित ने मेलोनी को लेकर भद्दी टिप्पणी की।
- विज्ञापन -